राजस्थान में जमीन विवाद पर चल रही कुल्हाड़ियां, अजमेर की घटना... कानून का खौफ खत्म होने का बड़ा सवाल
अजमेर में अपराधी इतने हिम्मतवाले होते जा रहे हैं कि लोगों में पुलिस का डर खत्म होता जा रहा है। ज़मीन और जायदाद इंसानी जान से भी ज़्यादा कीमती होती जा रही है। जायदाद के झगड़ों में मारपीट, लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से हमले आम बात हो गई है। ताज़ा घटना हरिभाऊ उपाध्याय नगर थाना इलाके के हाथीखेड़ा गांव में हुई, जहां सालों पुराना ज़मीन का झगड़ा खूनी संघर्ष में बदल गया। दस से बारह हमलावरों ने एक ही परिवार पर कुल्हाड़ी, लाठी, रॉड और पत्थरों से जानलेवा हमला कर दिया। हमले में महिलाओं और बुजुर्गों समेत एक दर्जन से ज़्यादा लोग घायल हो गए। घायलों को गंभीर हालत में JLN हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। घटना का वीडियो सामने आने से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।
10-12 साल पुराने ज़मीन के झगड़े को लेकर एक परिवार पर सुनियोजित हमला
जानकारी के मुताबिक, हाथीखेड़ा गांव में दो पक्षों के बीच पिछले 10 से 12 सालों से ज़मीन का झगड़ा चल रहा है। कई बार पंचायतें और आपसी सलाह-मशविरा हुआ, लेकिन यह झगड़ा हमेशा के लिए हल नहीं हो सका। रविवार को लड़ाई हिंसक हो गई। थाने में दर्ज रिपोर्ट में शिकायतकर्ता दिलखुश ने आरोप लगाया है कि भीम सिंह और उसके परिवार के लोगों ने उन पर लाठी, रॉड और लोहे के सरियों से हमला किया। हमले में भागचंद, नोरत और परिवार के दूसरे लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। गांव वालों का कहना है कि अगर प्रशासन ने समय रहते सख्त कार्रवाई की होती तो इस खूनी संघर्ष से बचा जा सकता था।
पुलिस ने जांच शुरू कर दी है
घटना की जानकारी मिलने पर हरिभाऊ उपाध्याय नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को काबू में किया। थाना इंचार्ज महावीर सिंह ने बताया कि मारपीट में भागचंद, नोरत और परिवार के दूसरे लोग घायल हो गए, जिनमें से दो को गंभीर चोटें आईं और उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता दिलखुश की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और दोषियों के खिलाफ कानून के मुताबिक सख्त कार्रवाई करेगी। ऐसे मामलों की लगातार बढ़ती संख्या ने एक बार फिर अजमेर में कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
