राजस्थान राज्यसभा चुनाव से पहले सांसद निधि खर्च का खुलासा, वीडियो में जाने बीजेपी सांसदों ने दूसरे राज्यों में भी बांटा फंड
राजस्थान की तीन राज्यसभा सीटों पर 18 जून को होने वाले चुनाव से पहले सांसद निधि खर्च को लेकर अहम जानकारी सामने आई है। केंद्रीय मंत्री और बीजेपी सांसद रवनीत सिंह बिट्टू, बीजेपी सांसद राजेंद्र गहलोत और कांग्रेस सांसद नीरज डांगी का राज्यसभा कार्यकाल 21 जून 2026 को समाप्त हो रहा है। इसी बीच जारी आंकड़ों में पता चला है कि तीनों सांसदों ने अपनी सांसद निधि की लगभग 95 प्रतिशत राशि विकास कार्यों पर खर्च कर दी है।
ग्रामीण विकास विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 22 मई 2026 तक तीनों सांसदों ने अपने-अपने फंड का बड़ा हिस्सा विभिन्न विकास कार्यों के लिए जारी किया। खास बात यह रही कि बीजेपी के दोनों सांसदों ने राजस्थान के अलावा दूसरे राज्यों में भी सांसद निधि से विकास कार्यों की सिफारिश की है। इस खुलासे के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने सांसद निधि का उपयोग पंजाब और हरियाणा में विकास कार्यों के लिए किया है। वहीं बीजेपी सांसद राजेंद्र गहलोत ने उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश में भी सांसद निधि से विकास कार्यों की अनुशंसा की। इन फंडों का उपयोग सड़क, सामुदायिक भवन, पेयजल और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़े कार्यों में किए जाने की जानकारी सामने आई है।
दूसरी ओर कांग्रेस सांसद नीरज डांगी ने अपनी सांसद निधि मुख्य रूप से राजस्थान में विकास कार्यों पर खर्च की। विभागीय रिपोर्ट के अनुसार, तीनों सांसदों ने अपने कार्यकाल के दौरान उपलब्ध राशि का लगभग पूरा उपयोग कर लिया है।राज्यसभा चुनाव से पहले सांसद निधि खर्च के आंकड़े सामने आने को राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विपक्षी दल इस मुद्दे पर सवाल उठा सकते हैं कि राजस्थान से चुने गए सांसदों ने दूसरे राज्यों में फंड क्यों खर्च किया। हालांकि सांसद निधि नियमों के तहत राज्यसभा सांसदों को देश के किसी भी हिस्से में विकास कार्यों की सिफारिश करने का अधिकार होता है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि राज्यसभा सांसद राष्ट्रीय स्तर के प्रतिनिधि माने जाते हैं, इसलिए वे अपने गृह राज्य या राजनीतिक प्रभाव वाले क्षेत्रों में भी सांसद निधि का उपयोग कर सकते हैं। लेकिन चुनावी माहौल में यह मुद्दा राजनीतिक बहस का हिस्सा बन सकता है।18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव को लेकर राजस्थान में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही अपने उम्मीदवारों और रणनीति को लेकर सक्रिय हैं। मौजूदा सांसदों के कार्यकाल समाप्त होने से पहले उनकी उपलब्धियों और निधि उपयोग को भी राजनीतिक नजरिए से देखा जा रहा है।
ग्रामीण विकास विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, सांसद निधि से किए गए कार्यों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क निर्माण, सामुदायिक सुविधाएं और पेयजल परियोजनाएं प्रमुख रूप से शामिल हैं। विभाग ने यह भी बताया कि कई परियोजनाएं अंतिम चरण में हैं और कुछ कार्यों पर अभी भी काम जारी है। फिलहाल राज्यसभा चुनाव से पहले सामने आए इन आंकड़ों ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा शुरू कर दी है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गर्मा सकता है।
