कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा का बड़ा एक्शन: जयपुर की मूंगफली फैक्ट्री पर अचानक छापा, मचा हड़कंप
राजस्थान में कृषि बीजों की गुणवत्ता और किसानों के भरोसे से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है। प्रदेश के कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने मंगलवार को जयपुर के गोविंदगढ़ इंडस्ट्रियल एरिया स्थित एक निजी मूंगफली प्रोसेसिंग यूनिट पर अचानक छापा मारकर हड़कंप मचा दिया। मंत्री के अचानक पहुंचे निरीक्षण से फैक्ट्री संचालकों और कर्मचारियों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
बताया जा रहा है कि कृषि विभाग को लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ निजी कंपनियां किसानों को घटिया गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध करा रही हैं। इन शिकायतों के बाद कृषि मंत्री ने खुद मोर्चा संभालते हुए औचक निरीक्षण का फैसला लिया। मंगलवार सुबह मंत्री बिना किसी पूर्व सूचना के गोविंदगढ़ इंडस्ट्रियल एरिया पहुंच गए और मूंगफली प्रोसेसिंग यूनिट की गतिविधियों का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान फैक्ट्री में मौजूद बीजों के स्टॉक, पैकेजिंग प्रक्रिया और गुणवत्ता से जुड़े दस्तावेजों की जांच की गई। कृषि विभाग की टीम ने कई सैंपल भी लिए, जिन्हें जांच के लिए लैब भेजा गया है। सूत्रों के मुताबिक, प्राथमिक जांच में कई अनियमितताओं की आशंका जताई जा रही है।
कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसानों के साथ किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसान देश की रीढ़ हैं और उनकी मेहनत के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने कहा कि यदि जांच में दोष साबित होता है तो संबंधित कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ लाइसेंस निरस्त करने तक की कार्रवाई की जा सकती है।
इस कार्रवाई के बाद प्रदेशभर में बीज कारोबार से जुड़े व्यापारियों और कंपनियों में हलचल बढ़ गई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में कृषि विभाग अन्य जिलों में भी इसी तरह के औचक निरीक्षण कर सकता है। सरकार का फोकस इस समय किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध कराने और नकली या घटिया बीजों के कारोबार पर रोक लगाने पर है।
किसानों का कहना है कि कई बार खराब बीजों की वजह से उनकी पूरी फसल प्रभावित हो जाती है, जिससे आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता है। ऐसे में सरकार की यह कार्रवाई किसानों के हित में बड़ा कदम मानी जा रही है। स्थानीय किसानों ने कृषि मंत्री की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि यदि लगातार इसी तरह निगरानी रखी जाए तो नकली बीजों के कारोबार पर काफी हद तक रोक लग सकती है।
फिलहाल कृषि विभाग की जांच जारी है और लैब रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। लेकिन मंत्री के इस अचानक छापे ने साफ संकेत दे दिए हैं कि राज्य सरकार अब कृषि क्षेत्र में लापरवाही और गड़बड़ी को लेकर किसी भी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है।
