कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा का बड़ा बयान, सीमावर्ती जिलों में अवैध उर्वरकों पर होगी सख्त कार्रवाई
राजस्थान के कृषि मंत्री Kirori Lal Meena ने प्रदेश में उर्वरकों की उपलब्धता और गुणवत्ता को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती जिलों में अन्य राज्यों से अवैध रूप से लाए जा रहे उर्वरकों पर सख्ती से रोक लगाई जाएगी और ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों को गुणवत्तापूर्ण खाद और उर्वरक उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए कृषि विभाग लगातार निगरानी कर रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर अवैध उर्वरकों की आवाजाही पर नजर रखी जाए।
मीणा ने कहा कि कई बार दूसरे राज्यों से बिना अनुमति या नियमों का उल्लंघन कर उर्वरकों की खेप राजस्थान में पहुंच जाती है। इससे न केवल सरकारी व्यवस्था प्रभावित होती है, बल्कि किसानों को भी नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसलिए ऐसे मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने बताया कि कृषि विभाग, जिला प्रशासन और संबंधित एजेंसियों के सहयोग से सीमावर्ती जिलों में जांच अभियान चलाए जाएंगे। संदिग्ध वाहनों, गोदामों और विक्रेताओं की जांच की जाएगी ताकि अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
कृषि मंत्री ने किसानों से भी अपील की कि वे केवल अधिकृत विक्रेताओं से ही उर्वरक खरीदें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत प्रशासन को दें। उन्होंने कहा कि नकली या अवैध उर्वरकों का उपयोग फसलों की गुणवत्ता और उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है।
राज्य सरकार का मानना है कि कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए उर्वरकों की आपूर्ति व्यवस्था को पारदर्शी और व्यवस्थित रखना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से अवैध कारोबार के खिलाफ निगरानी और कार्रवाई को और सख्त किया जा रहा है।
कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार, आने वाले समय में सीमावर्ती जिलों में विशेष निरीक्षण अभियान चलाए जाएंगे और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सरकार का उद्देश्य किसानों के हितों की रक्षा करना और उन्हें समय पर गुणवत्तापूर्ण कृषि संसाधन उपलब्ध कराना है।
