देश में भीषण गर्मी के बाद मौसम का बदला मिजाज, वीडियो में जाने कई राज्यों में बारिश-आंधी से राहत; कई जगह हादसों में जनहानि
पिछले लगभग 15 दिनों से भीषण गर्मी और लू की मार झेल रहे देश के बड़े हिस्सों में गुरुवार को मौसम ने अचानक करवट ले ली। उत्तर भारत के कई राज्यों में तेज हवाओं, आंधी और बारिश के साथ कुछ इलाकों में ओलावृष्टि भी दर्ज की गई, जिससे तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आई है। हालांकि, इस मौसम बदलाव के साथ कई राज्यों में जान-माल के नुकसान की भी खबरें सामने आई हैं।
उत्तर प्रदेश, दिल्ली, बिहार और झारखंड में गुरुवार को तेज आंधी और बारिश ने लोगों को गर्मी से राहत दी। मौसम विभाग के अनुसार, इन क्षेत्रों में अचानक मौसम बदलने के कारण तेज हवाओं के साथ कई जगह पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति बाधित होने की घटनाएं भी हुईं।
उत्तर प्रदेश में बीते दो दिनों के दौरान आंधी-बारिश से जुड़ी घटनाओं में कम से कम 17 लोगों की मौत होने की जानकारी सामने आई है। वहीं बिहार में भी खराब मौसम के चलते 5 लोगों की जान जाने की पुष्टि हुई है। प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य जारी हैं।
दक्षिण भारत के कर्नाटक राज्य में भी मौसम ने कहर बरपाया। राजधानी बेंगलुरु में बुधवार रात तेज बारिश और आंधी के दौरान अलग-अलग हादसों में 10 लोगों की मौत हो गई। भारी बारिश से कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई और यातायात भी प्रभावित हुआ।
इसी बीच हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के चुराह क्षेत्र में गुरुवार को एक अप्रत्याशित घटना सामने आई, जहां पहाड़ से ग्लेशियर का एक हिस्सा टूटकर अचानक सड़क पर गिर गया। उस समय सड़क पर बर्फ हटाने में जुटे कर्मचारी और मजदूर मौके पर मौजूद थे। उन्होंने समय रहते भागकर अपनी जान बचाई, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में भी कुछ क्षेत्रों में इसी तरह का अस्थिर मौसम बना रह सकता है। हालांकि, कुछ राज्यों में राहत के बावजूद राजस्थान और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में भीषण गर्मी का दौर अभी भी जारी है और वहां तापमान सामान्य से काफी ऊपर दर्ज किया जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के अचानक मौसम परिवर्तन जलवायु परिवर्तन और स्थानीय मौसमी दबाव प्रणालियों के कारण हो सकते हैं, जिनसे भविष्य में और अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है।
फिलहाल, प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमें प्रभावित राज्यों में स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और राहत कार्य तेजी से चलाए जा रहे हैं।
