भगवान श्रीकृष्ण पर विवादित बयान के बाद गरमाई सियासत, फुटेज में जाने धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने मौलाना जर्जिस अंसारी को दी नसीहत
भगवान श्रीकृष्ण को लेकर उत्तर प्रदेश के इटावा निवासी मौलाना जर्जिस अंसारी के विवादित बयान पर अब बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की भी प्रतिक्रिया सामने आई है। हैदराबाद में आयोजित हनुमत कथा के दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने मौलाना के बयान पर नाराजगी जताते हुए कहा कि सभी धर्मों के लोगों को अपनी-अपनी आस्था का सम्मान करना चाहिए और दूसरे धर्म की मान्यताओं पर टिप्पणी करने से बचना चाहिए।उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि यदि भविष्य में इस तरह का बयान दोबारा दिया गया, तो वे उनके दरवाजे पर जाकर भगवद्गीता का पाठ करेंगे। साथ ही उन्होंने मौलाना को "घर वापसी" की सलाह भी दी।
हैदराबाद में कथा के दौरान दिया बयान
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री इन दिनों तेलंगाना के शमशाबाद में 17 जुलाई से आयोजित हनुमत कथा में शामिल हैं। कथा के दौरान उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण को लेकर दिए गए विवादित बयान का जिक्र करते हुए कहा कि धार्मिक विषयों पर संयम और मर्यादा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।उन्होंने कहा कि किसी भी धर्म की आस्था पर टिप्पणी करना समाज में अनावश्यक विवाद पैदा करता है। सभी को अपने धर्म का पालन करने का अधिकार है, लेकिन दूसरे धर्म के पूजनीय व्यक्तित्वों और मान्यताओं पर टिप्पणी नहीं करनी चाहिए।
क्या कहा था मौलाना जर्जिस अंसारी ने?
उत्तर प्रदेश के इटावा निवासी मौलाना जर्जिस अंसारी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें उन्होंने दावा किया कि भगवान श्रीकृष्ण मुस्लिम थे और दिन में पांच बार नमाज पढ़ते थे।उन्होंने अपने दावे के समर्थन में श्रीमद्भगवद्गीता के छठे अध्याय का उल्लेख करते हुए उसकी अपनी व्याख्या प्रस्तुत की। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यदि हिंदू और मुस्लिम दोनों अपने-अपने धार्मिक ग्रंथों को सही तरीके से पढ़ें, तो वे एक-दूसरे के धर्म को बेहतर तरीके से समझ पाएंगे। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया और विभिन्न धार्मिक संगठनों में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।
बयान पर बढ़ा विवाद
मौलाना के बयान के बाद धार्मिक और राजनीतिक हलकों में बहस तेज हो गई है। कई हिंदू संगठनों ने इसे भगवान श्रीकृष्ण और हिंदू आस्था का अपमान बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई है, जबकि कुछ लोगों ने इसे मौलाना की व्यक्तिगत व्याख्या बताया है।इसी क्रम में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का बयान भी चर्चा का विषय बन गया है। उन्होंने कहा कि धार्मिक सद्भाव बनाए रखने के लिए जरूरी है कि सभी लोग अपने-अपने धर्म का सम्मान करें और दूसरे धर्मों की आस्थाओं पर अनावश्यक टिप्पणी करने से बचें।
सोशल मीडिया पर जारी है बहस
इस पूरे घटनाक्रम के बाद सोशल मीडिया पर भी बहस छिड़ गई है। एक ओर लोग मौलाना के बयान का विरोध कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की प्रतिक्रिया भी व्यापक चर्चा का विषय बनी हुई है। फिलहाल इस मामले में किसी प्रशासनिक कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। हालांकि, विवादित बयान को लेकर देशभर में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं लगातार सामने आ रही हैं।
