राजस्थान में लग्जरी बसों की होगी सख्त जांच, बस अग्निकांड के बाद रालसा ने शुरू किया एक महीने का अभियान
प्रदेश में लगातार सामने आ रही बस अग्निकांड की घटनाओं को देखते हुए राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (रालसा) ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा कदम उठाया है। रालसा ने प्रदेशभर में लग्जरी बसों की जांच के लिए एक महीने का विशेष अभियान शुरू किया है। अभियान के तहत लंबी दूरी की बसों की सुरक्षा व्यवस्था और नियमों के पालन की जांच की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, इस अभियान के तहत जयपुर समेत प्रदेश के 7 प्रमुख शहरों में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव (जज) खुद निरीक्षण कर रहे हैं। अधिकारियों की टीमें लंबी दूरी की लग्जरी बसों की जांच कर यह सुनिश्चित कर रही हैं कि वाहन सुरक्षा मानकों पर खरे उतर रहे हैं या नहीं।
अभियान में बसों में अग्निशमन यंत्र, आपातकालीन निकास द्वार, फिटनेस प्रमाण पत्र, परमिट, सुरक्षा उपकरण और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं की जांच की जा रही है। इसके अलावा यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े अन्य मानकों को भी देखा जा रहा है।
रालसा का यह अभियान हाल के दिनों में बसों में आग लगने की बढ़ती घटनाओं के बाद शुरू किया गया है। इन हादसों में यात्रियों की जान जाने के बाद बस संचालन और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे थे। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने बसों की नियमित जांच और नियमों के सख्त पालन पर जोर दिया है।
अधिकारियों का कहना है कि अभियान का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि बस संचालकों को सुरक्षा मानकों के प्रति जिम्मेदार बनाना भी है। यदि जांच के दौरान किसी बस में लापरवाही या नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित विभागों को कार्रवाई के लिए निर्देश दिए जाएंगे।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की टीमें बस स्टैंड, प्रमुख मार्गों और अन्य स्थानों पर जाकर निरीक्षण कर रही हैं। लंबी दूरी की बसों में सफर करने वाले यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है।
गौरतलब है कि राजस्थान में पिछले कुछ समय में बसों में आग लगने की कई घटनाएं सामने आई हैं। ऐसे हादसों में सुरक्षा उपकरणों की कमी और आपात स्थिति में यात्रियों के बाहर निकलने की व्यवस्था पर सवाल उठते रहे हैं।
रालसा के इस अभियान से उम्मीद की जा रही है कि बस संचालन में लापरवाही कम होगी और यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी। एक महीने तक चलने वाले इस अभियान की रिपोर्ट के आधार पर आगे भी आवश्यक कदम उठाए जा सकते हैं।
प्राधिकरण ने आम लोगों से भी अपील की है कि वे यात्रा के दौरान सुरक्षा नियमों का ध्यान रखें और किसी भी असुरक्षित स्थिति की जानकारी संबंधित विभागों को दें।
