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कृषि विभाग में ACB कार्रवाई के बाद राजस्थान की सियासत गरमाई, वीडियो में देंखे कांग्रेस-भाजपा में तीखी बयानबाजी

कृषि विभाग में ACB कार्रवाई के बाद राजस्थान की सियासत गरमाई, वीडियो में देंखे कांग्रेस-भाजपा में तीखी बयानबाजी
 
कृषि विभाग में ACB कार्रवाई के बाद राजस्थान की सियासत गरमाई, वीडियो में देंखे कांग्रेस-भाजपा में तीखी बयानबाजी

कृषि विभाग में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की हालिया कार्रवाई को लेकर राजस्थान की राजनीति में घमासान तेज हो गया है। इस कार्रवाई के बाद कांग्रेस ने राज्य के कृषि मंत्री Kirodi Lal Meena पर गंभीर आरोप लगाए, जिसके जवाब में सत्तारूढ़ भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर पलटवार किया है।इसी क्रम में शिक्षा मंत्री Madan Dilawar ने कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा का जोरदार बचाव करते हुए कहा कि अगर वह बेईमान हैं, तो फिर वह खुद कभी ईमानदार नहीं हो सकते। दिलावर ने कहा कि वह विद्यार्थी जीवन से किरोड़ीलाल मीणा को जानते हैं और उनकी छवि हमेशा साफ-सुथरी, ईमानदार और निष्पक्ष रही है।

मदन दिलावर ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि बिना तथ्यों के आरोप लगाना राजनीति का हिस्सा बन गया है, लेकिन दूसरों पर अंगुली उठाने से पहले अपने गिरेबान में झांकना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता सब देख रही है और समय आने पर जवाब भी देगी।कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए शिक्षा मंत्री ने जल जीवन मिशन (JJM) से जुड़े कथित घोटाले का भी जिक्र किया और पूर्व मुख्यमंत्री Ashok Gehlot पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस मामले में कितने पैसे का लेनदेन हुआ, इसकी भी जांच होनी चाहिए।

इसके अलावा उन्होंने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष Govind Singh Dotasra को कर भी सख्त टिप्पणी की और दावा किया कि आने वाले समय में वे भी जेल जा सकते हैं, जैसा कि पहले पूर्व मंत्री महेश जोशी के मामले में हुआ था।Rajasthan की राजनीति में इस बयानबाजी के बाद माहौल और अधिक गर्म हो गया है। कांग्रेस ने भाजपा नेताओं के बयानों को राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित बताया है, जबकि भाजपा का कहना है कि वह भ्रष्टाचार के मामलों में सख्त कार्रवाई के पक्ष में है और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।

ACB कार्रवाई के बाद शुरू हुआ यह विवाद अब सीधे राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप में बदल गया है। दोनों प्रमुख दल एक-दूसरे पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे हैं, जिससे राज्य की सियासत में तनाव बढ़ता जा रहा है। फिलहाल इस मामले में ACB की जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस विवाद के और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।