मुख्यमंत्री कार्यालय में प्रशासनिक फेरबदल के बाद 10 नए कर्मचारी नियुक्त, कार्यप्रणाली होगी और सुदृढ़
राज्य प्रशासन में हाल ही में हुए बड़े बदलावों के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री कार्यालय में अब 10 नए अधीनस्थ कर्मचारियों की नियुक्ति की गई है, जिससे कार्यालय की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी एवं सुचारू बनाने की दिशा में प्रयास तेज हो गए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इन नए नियुक्त कर्मचारियों में दो अतिरिक्त निजी सचिव और आठ स्टेनोग्राफर शामिल हैं। इन नियुक्तियों का उद्देश्य बढ़ते प्रशासनिक कार्यभार को बेहतर ढंग से संभालना और फाइलों के निस्तारण की प्रक्रिया को गति देना बताया जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, हाल ही में भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में मुख्यमंत्री कार्यालय में भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) स्तर पर हुए फेरबदल के बाद कार्यप्रणाली को और अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने पर जोर दिया जा रहा है। इसी क्रम में अधीनस्थ स्तर पर भी संसाधनों को मजबूत किया जा रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि मुख्यमंत्री कार्यालय में लगातार बढ़ रहे कार्यभार, जनसुनवाई से जुड़े मामलों और विभिन्न विभागों के समन्वय कार्यों को देखते हुए अतिरिक्त कर्मचारियों की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। नए कर्मचारियों की नियुक्ति से फाइल मूवमेंट और नोटिंग कार्य में तेजी आने की उम्मीद है।
इनमें शामिल निजी सचिव उच्च स्तरीय फाइलों के समन्वय और प्रशासनिक निर्णय प्रक्रिया में सहयोग करेंगे, जबकि स्टेनोग्राफर विभिन्न बैठकों, आदेशों और दस्तावेजी कार्यों को व्यवस्थित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
प्रशासनिक सूत्रों का मानना है कि इस कदम से मुख्यमंत्री कार्यालय की कार्यक्षमता में सुधार होगा और निर्णय प्रक्रिया अधिक तेज और प्रभावी बन सकेगी। साथ ही, विभागों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने में भी मदद मिलेगी।
फिलहाल, इस नियुक्ति को प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे राज्य स्तर पर कार्यों के निष्पादन में और अधिक तेजी आने की संभावना है।
