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22 साल बाद जैसलमेर में टूरिस्ट वाहनों पर लगेगा पैसेंजर टैक्स, वीडियो में जानें अब शहर में एंट्री के लिए देना होगा शुल्क

22 साल बाद जैसलमेर में टूरिस्ट वाहनों पर लगेगा पैसेंजर टैक्स, वीडियो में जानें अब शहर में एंट्री के लिए देना होगा शुल्क
 
22 साल बाद जैसलमेर में टूरिस्ट वाहनों पर लगेगा पैसेंजर टैक्स, वीडियो में जानें अब शहर में एंट्री के लिए देना होगा शुल्क

पर्यटन नगरी जैसलमेर आने वाले सैलानियों को अब शहर में प्रवेश करने के लिए टैक्स चुकाना होगा। करीब 22 साल बाद नगर परिषद ने पर्यटक वाहनों पर पैसेंजर टैक्स लगाने का फैसला किया है। राज्य सरकार के स्वायत्त शासन विभाग ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है और 28 जनवरी को इसका गजट नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया गया है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद जैसलमेर आने वाले टूरिस्ट वाहनों से निर्धारित शुल्क वसूला जाएगा।

नगर परिषद कमिश्नर लजपाल सिंह सोढा ने बताया कि शहर में लगातार बढ़ रही पर्यटकों की संख्या को देखते हुए बुनियादी सुविधाओं पर दबाव बढ़ रहा है। सड़कों, पार्किंग, सफाई व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और पर्यटन स्थलों के रखरखाव के लिए अतिरिक्त संसाधनों की आवश्यकता है। इन्हीं जरूरतों को पूरा करने के उद्देश्य से पैसेंजर टैक्स लागू करने का निर्णय लिया गया है।

उन्होंने कहा कि इस टैक्स से प्राप्त होने वाली आय को शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और पर्यटन सुविधाओं को विश्वस्तरीय बनाने में खर्च किया जाएगा। खासतौर पर पार्किंग स्थलों का विकास, साफ-सफाई, ट्रैफिक नियंत्रण, पेयजल और सार्वजनिक सुविधाओं में सुधार पर ध्यान दिया जाएगा, ताकि पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिल सके।

नगर परिषद अधिकारियों के मुताबिक, टैक्स केवल बाहरी जिलों और राज्यों से आने वाले पर्यटक वाहनों पर लागू होगा। स्थानीय लोगों और नियमित यातायात पर इसका असर नहीं पड़ेगा। टैक्स वसूली के लिए शहर के प्रमुख प्रवेश मार्गों पर चेक प्वाइंट बनाए जाएंगे, जहां से शुल्क लिया जाएगा।

गौरतलब है कि जैसलमेर देश-विदेश के पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षण का केंद्र है। हर साल लाखों सैलानी स्वर्ण नगरी का किला, हवेलियां, सम के धोरों और रेगिस्तानी पर्यटन का आनंद लेने पहुंचते हैं। पर्यटन सीजन में वाहनों की संख्या काफी बढ़ जाती है, जिससे ट्रैफिक और अन्य व्यवस्थाओं पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।

नगर परिषद का मानना है कि यह कदम शहर के सुनियोजित विकास में मददगार साबित होगा। हालांकि, कुछ स्थानीय व्यापारियों ने आशंका जताई है कि टैक्स से पर्यटकों की संख्या प्रभावित हो सकती है। वहीं, प्रशासन का कहना है कि मामूली शुल्क के बदले बेहतर सुविधाएं मिलने से पर्यटन को और बढ़ावा मिलेगा।

अब गजट नोटिफिकेशन जारी होने के बाद जल्द ही इस नई व्यवस्था को लागू किया जाएगा। इससे जैसलमेर में प्रवेश करने वाले पर्यटक वाहनों को तय शुल्क देकर ही शहर में एंट्री मिल सकेगी।