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भर्ती, ऑपरेशन और जांच अलग-अलग जगह, अव्यवस्था से मरीज और डॉक्टर दोनों हलकान

भर्ती, ऑपरेशन और जांच अलग-अलग जगह, अव्यवस्था से मरीज और डॉक्टर दोनों हलकान
 
भर्ती, ऑपरेशन और जांच अलग-अलग जगह, अव्यवस्था से मरीज और डॉक्टर दोनों हलकान

जिले के स्वास्थ्य तंत्र में व्याप्त अव्यवस्था एक बार फिर सामने आई है, जहां भर्ती, ऑपरेशन और जांच सेवाएं अलग-अलग स्थानों पर होने के कारण मरीजों और चिकित्सकों दोनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। व्यवस्थाओं के बिखरे होने से अस्पताल में आने वाले मरीजों को बार-बार एक विभाग से दूसरे विभाग तक भटकना पड़ रहा है, जिससे उपचार प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।

अस्पताल प्रशासन की ओर से भले ही बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के दावे किए जाते हों, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। मरीजों को पहले भर्ती के लिए एक काउंटर पर जाना पड़ता है, फिर जांच के लिए अलग स्थान पर भेजा जाता है और इसके बाद ऑपरेशन या विशेषज्ञ परामर्श के लिए दूसरी जगह जाना पड़ता है। इस पूरी प्रक्रिया में समय की बर्बादी के साथ-साथ मरीजों और उनके परिजनों की परेशानी भी बढ़ रही है।

चिकित्सकों का कहना है कि अलग-अलग स्थानों पर सेवाएं होने से न केवल कार्यप्रणाली प्रभावित होती है, बल्कि आपात स्थिति में मरीजों को समय पर उपचार देना भी चुनौतीपूर्ण हो जाता है। कई बार गंभीर मरीजों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने में देरी के कारण स्थिति बिगड़ने का खतरा भी बना रहता है।

अस्पताल में आने वाले मरीजों और उनके परिजनों ने भी इस व्यवस्था पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि इलाज के दौरान उन्हें लगातार विभागों के बीच चक्कर लगाने पड़ते हैं, जिससे मानसिक और शारीरिक दोनों तरह की परेशानी होती है। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों के लिए यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है, क्योंकि उन्हें प्रक्रिया की पूरी जानकारी नहीं होती।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अस्पताल में “वन-स्टॉप हेल्थ सर्विस” मॉडल लागू किया जाए तो इस समस्या का काफी हद तक समाधान हो सकता है। इससे मरीजों को एक ही स्थान पर सभी आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं, जिससे समय की बचत होगी और उपचार की गुणवत्ता में सुधार आएगा।

प्रशासन से जुड़े सूत्रों के अनुसार, संसाधनों के पुनर्गठन और सेवाओं के एकीकरण को लेकर विचार किया जा रहा है, लेकिन अभी तक ठोस बदलाव जमीन पर दिखाई नहीं दिए हैं।

कुल मिलाकर, अस्पताल की बिखरी हुई व्यवस्था मरीजों और डॉक्टरों दोनों के लिए परेशानी का कारण बन गई है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यकुशलता पर सवाल उठ रहे हैं।