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‘रेत के सोने’ की लूट पर प्रशासन का बड़ा एक्शन: गारनेट पट्टेधारियों और डीलर्स की जांच के लिए 4 विशेष टीमें मैदान में उतारी गईं

‘रेत के सोने’ की लूट पर प्रशासन का बड़ा एक्शन: गारनेट पट्टेधारियों और डीलर्स की जांच के लिए 4 विशेष टीमें मैदान में उतारी गईं
 
‘रेत के सोने’ की लूट पर प्रशासन का बड़ा एक्शन: गारनेट पट्टेधारियों और डीलर्स की जांच के लिए 4 विशेष टीमें मैदान में उतारी गईं

प्रदेश में बहुमूल्य खनिज गारनेट, जिसे स्थानीय स्तर पर ‘रेत का सोना’ भी कहा जाता है, की अवैध निकासी और व्यापार पर शिकंजा कसने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। लगातार मिल रही शिकायतों और खनन राजस्व में अनियमितताओं के संदेह के बाद अब सरकार और खनन विभाग ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। इस दिशा में चार विशेष जांच टीमें गठित कर विभिन्न क्षेत्रों में औचक निरीक्षण और जांच अभियान शुरू कर दिया गया है।

सूत्रों के अनुसार, गारनेट खनन से जुड़े पट्टेधारियों और डीलर्स पर लंबे समय से नियमों के उल्लंघन के आरोप लग रहे थे। कई स्थानों पर बिना अनुमति खनन, ओवरलोडिंग, गलत रिपोर्टिंग और अवैध परिवहन जैसी गतिविधियों की शिकायतें सामने आई थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने उच्च स्तरीय समीक्षा के बाद यह कार्रवाई की है।

अधिकारियों का कहना है कि गठित की गई चार विशेष टीमें अलग-अलग क्षेत्रों में सक्रिय रहेंगी और खनन स्थलों, भंडारण इकाइयों तथा व्यापारिक केंद्रों पर गहन जांच करेंगी। इन टीमों को यह निर्देश दिए गए हैं कि वे पट्टों की शर्तों, उत्पादन रिकॉर्ड, परिवहन दस्तावेजों और बिक्री से जुड़े सभी रिकॉर्ड की बारीकी से जांच करें।

जांच का दायरा केवल खनन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि गारनेट के प्रसंस्करण और निर्यात से जुड़े डीलर्स की गतिविधियों की भी जांच की जाएगी। विभागीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी भी स्तर पर अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित पट्टेधारियों के खिलाफ लाइसेंस निलंबन, जुर्माना और कानूनी कार्रवाई तक की जाएगी।

खनन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि गारनेट एक मूल्यवान खनिज है और इसकी अवैध निकासी से राज्य को भारी राजस्व नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य न केवल अवैध खनन पर रोक लगाना है, बल्कि खनन गतिविधियों को पारदर्शी और नियमों के अनुरूप बनाना भी है।

स्थानीय स्तर पर इस कार्रवाई के बाद खनन कारोबारियों में हलचल देखी जा रही है। कई पट्टेधारियों ने दस्तावेजों को दुरुस्त करना शुरू कर दिया है, जबकि कुछ ने इसे प्रशासन की नियमित प्रक्रिया बताया है। हालांकि, विभागीय सख्ती को देखते हुए अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों में चिंता का माहौल है।

सूत्रों का यह भी कहना है कि आने वाले दिनों में जांच और तेज की जा सकती है तथा कुछ बड़े मामलों में एफआईआर दर्ज होने की संभावना भी है। विभाग ने साफ कर दिया है कि किसी भी तरह की लापरवाही या गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

इस कार्रवाई को खनन क्षेत्र में पारदर्शिता लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह अभियान लगातार जारी रहता है तो राज्य को न केवल राजस्व में बढ़ोतरी होगी बल्कि अवैध खनन पर भी प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।