Aapka Rajasthan

आचार्य वर्धमान सागर महाराज बने राजस्थान सरकार के राजकीय अतिथि, जैन समाज में जश्न का वीडियो आया सामने

आचार्य वर्धमान सागर महाराज बने राजस्थान सरकार के राजकीय अतिथि, जैन समाज में जश्न का वीडियो आया सामने
 
आचार्य वर्धमान सागर महाराज बने राजस्थान सरकार के राजकीय अतिथि, जैन समाज में जश्न का वीडियो आया सामने

दिगंबर जैन समाज के लिए यह गर्व और आनंद का क्षण है कि आचार्य वर्धमान सागर महाराज को राजस्थान सरकार द्वारा राजकीय अतिथि घोषित किया गया है। वर्तमान में वे टोंक के ऐतिहासिक जैन नसिया में संघ सहित चातुर्मास कर रहे हैं। इस निर्णय के बाद न सिर्फ राजस्थान, बल्कि देशभर के जैन समाज में हर्ष और उल्लास का माहौल है।

आचार्य श्री वर्धमान सागर महाराज अपने संयम, साधना और तपस्या से संपूर्ण जैन समाज में अत्यंत श्रद्धा और सम्मान का केंद्र हैं। वे इस वर्ष अपना 57वां वर्षायोग टोंक में मना रहे हैं और उनके साथ 35 साधु-साध्वियों का संघ भी टोंक में विराजमान है। चातुर्मास के इस अवसर पर आचार्यश्री की प्रेरणाओं और प्रवचनों का लाभ लेने के लिए देशभर से श्रद्धालु टोंक पहुंच रहे हैं।

राजस्थान सरकार की ओर से उन्हें राजकीय अतिथि का दर्जा दिए जाने को लेकर जैन समाज के प्रतिनिधियों ने सरकार का आभार प्रकट किया है। दिगंबर जैन समाज टोंक के अध्यक्ष, महामंत्री एवं चातुर्मास आयोजन समिति के अनेक पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा, टोंक के क्षेत्रीय सांसद, जिला प्रमुख श्रीमती सरोज नरेश बंसल सहित संबंधित राजनेताओं का आभार जताया है, जिनके सहयोग से यह निर्णय संभव हो सका।

समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि यह निर्णय आचार्यश्री के प्रति समाज और सरकार की गहरी श्रद्धा का प्रतीक है। यह न केवल टोंक जिले के लिए गर्व की बात है, बल्कि यह समस्त जैन समुदाय के लिए सम्मान की भावना से भर देने वाला क्षण है। आचार्यश्री की दिव्य उपस्थिति और प्रवचन समाज को नैतिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक रूप से सशक्त बनाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

जैन नसिया में चातुर्मास को लेकर भव्य आयोजन, धार्मिक प्रवचन, तपस्या और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला जारी है। प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु आकर आचार्यश्री के दर्शन व आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं। वहीं, नगर प्रशासन एवं स्थानीय संगठनों की ओर से भी इस आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय सहयोग दिया जा रहा है।

आचार्य वर्धमान सागर महाराज का संयममय जीवन, त्याग और तपस्या की प्रेरणा आज के समाज के लिए आदर्श है। उनके विचार और शिक्षाएं समाज में सद्भाव, अहिंसा और सच्चे धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं।