टोंक के भद्रकाली मंदिर के पीठाधीश्वर पर फर्जी भर्ती का आरोप, वीडियो में देंखे 15 साल बाद SOG ने दर्ज की FIR
राजस्थान के टोंक जिले में भद्रकाली मंदिर के पीठाधीश्वर और आरएसी कॉन्स्टेबल श्रीराम मीणा के खिलाफ भर्ती परीक्षा में कथित तौर पर डमी अभ्यर्थी बैठाकर नौकरी हासिल करने के आरोप में राज्य की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने एफआईआर दर्ज की है। यह कार्रवाई करीब 15 साल पुरानी शिकायत के आधार पर की गई है।
श्रीराम मीणा टोंक जिले की निवाई तहसील के कांटोली गांव के रहने वाले हैं। आरोप है कि आरएसी कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा में किसी अन्य व्यक्ति को परीक्षा में बैठाकर चयन हासिल किया गया। चयन के समय भी उनकी नियुक्ति विवादों में रही थी। हालांकि बाद में राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश के बाद उन्हें नौकरी जॉइन करने की अनुमति मिल गई थी।
जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी कॉन्स्टेबल पिछले करीब एक साल से बिना अनुमति ड्यूटी से गैरहाजिर चल रहे हैं। अब एसओजी भर्ती से जुड़े मूल दस्तावेज मंगवाकर उनका सत्यापन करेगी। साथ ही आरोपी से पूछताछ की जाएगी और वर्तमान हस्ताक्षरों का भर्ती के समय किए गए हस्ताक्षरों से मिलान कराया जाएगा, ताकि आरोपों की सत्यता की जांच हो सके।
वहीं, श्रीराम मीणा ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि वह वर्ष 2006 से भद्रकाली मंदिर में साधना कर रहे हैं और पहले भी उन पर फर्जी तरीके से नौकरी पाने के आरोप लगाए गए थे। उनके अनुसार, उस समय जांच के बाद ही उन्हें नियुक्ति मिली थी। उन्होंने यह भी कहा कि मंदिर की जमीन को लेकर भी उन पर कई आरोप लगाए गए, लेकिन सभी जांच में गलत साबित हुए।श्रीराम मीणा ने भरोसा जताया कि एसओजी की मौजूदा जांच में भी सच्चाई सामने आ जाएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि झूठे आरोप लगाने वालों के खिलाफ वह मानहानि का दावा भी करेंगे।
