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पाली में शादी के नाम पर धोखाधड़ी का आरोप: नाबालिग उम्र में कराई शादी, अब गौने के नाम पर पैसे मांगने का मामला सामने आया

पाली में शादी के नाम पर धोखाधड़ी का आरोप: नाबालिग उम्र में कराई शादी, अब गौने के नाम पर पैसे मांगने का मामला सामने आया
 
पाली में शादी के नाम पर धोखाधड़ी का आरोप: नाबालिग उम्र में कराई शादी, अब गौने के नाम पर पैसे मांगने का मामला सामने आया

राजस्थान के पाली जिले में शादी के नाम पर धोखाधड़ी और बाद में गौने के नाम पर वसूली का मामला सामने आया है। आरोप है कि वर्ष 2018 में नाबालिग होने के बावजूद शादी करवा दी गई थी। अब कई साल बाद गौना कराने के नाम पर पैसे की मांग की जा रही है, जिससे पीड़ित पक्ष ने पुलिस से कार्रवाई की मांग की है। मामले के सामने आने के बाद शादी की प्रक्रिया, उम्र और लेन-देन से जुड़े कई सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है।

नाबालिग उम्र में कराई गई शादी

जानकारी के अनुसार, पीड़ित पक्ष का आरोप है कि वर्ष 2018 में जब लड़की नाबालिग थी, तभी उसकी शादी करवा दी गई। उस समय परिवार को शादी से जुड़ी पूरी जानकारी और परिस्थितियों के बारे में गुमराह किए जाने का आरोप है।शादी के बाद भी वैवाहिक संबंधों और आगे की रस्मों को लेकरविवाद बना रहा।

गौने के नाम पर पैसे मांगने का आरोप

पीड़ित पक्ष का कहना है कि अब गौना कराने के लिए दूसरी तरफ से पैसों की मांग की जा रही है। आरोप है कि शादी के नाम पर पहले ही धोखा दिया गया और अब गौने की रस्म पूरी करने के बदले वसूली की कोशिश की जा रही है।परिजनों ने इस मामले को लेकर नाराजगी जताई है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

पुलिस ने शुरू की जांच

शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस शादी से जुड़े दस्तावेज, दोनों पक्षों के बयान और अन्य तथ्यों की जांच कर रही है।अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

बाल विवाह पर उठे सवाल

मामले ने एक बार फिर बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कानून के अनुसार नाबालिग की शादी अपराध की श्रेणी में आती है और इसके खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान है।सामाजिक संगठनों का कहना है कि ऐसे मामलों में परिवारों को जागरूक होने की जरूरत है, ताकि बच्चों का भविष्य सुरक्षित रह सके। फिलहाल पुलिस जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति सामने आएगी।