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एसीबी की बड़ी कार्रवाई: झुंझुनूं में उद्योग केंद्र के स्टेनोग्राफर रिश्वत लेते काबू

एसीबी की बड़ी कार्रवाई: झुंझुनूं में उद्योग केंद्र के स्टेनोग्राफर रिश्वत लेते काबू
 
एसीबी की बड़ी कार्रवाई: झुंझुनूं में उद्योग केंद्र के स्टेनोग्राफर रिश्वत लेते काबू

राजस्थान के झुंझुनूं जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने मंगलवार को एक सरकारी कर्मचारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई एसीबी की सतर्कता और भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति का हिस्सा है।

लोन अप्रूवल के नाम पर रिश्वत

झुंझुनूं के जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र में स्टेनोग्राफर के पद पर कार्यरत नीरज कुमार पर गंभीर आरोप लगे हैं कि उन्होंने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (Prime Minister Employment Generation Programme – PMEGP) के तहत 5 लाख रुपये के ऋण प्रस्ताव को मंजूरी दिलाने के एवज में 2,500 रुपये रिश्वत मांगी और लेते हुए पकड़े गए। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि नीरज ने फाइल आगे बढ़ाने के लिए बार‑बार दबाव बनाया और पैसे की मांग की, जिससे वह परेशान हो गया और अंत में उसने एसीबी में शिकायत दर्ज कराई।

एसीबी ने बनाया जाल

परिवादी की शिकायत मिलने के बाद 16 मार्च 2026 को एसीबी टीम ने गोपनीय सत्यापन किया, जिसमें स्टेनोग्राफर द्वारा रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद एसीबी जयपुर रेंज के उप महानिरीक्षक अनिल कयाल के निर्देश पर और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरेन्द्र कुमार पूनियाँ के पर्यवेक्षण में ट्रैप की योजना बनाई गई। जब नीरज ने 2,500 रुपये नकद लेते हुए श्थानीय व्यक्ति से रिश्वत ली, तो एसीबी टीम ने उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ जारी है।

गिरफ्तारी के बाद की कार्रवाई

एसीबी ने नीरज कुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच शुरू कर दी है। टीम ने आरोपी के सीकर स्थित आवास पर भी सर्च ऑपरेशन चलाया, जिसमें कई दस्तावेज और सामग्री जब्त की गई है। अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि कहीं इससे पहले भी इस तरह की कोई अवैध गतिविधि हुई है या नहीं।

आम नागरिकों को राहत देने की कोशिश

एसीबी अधिकारीयों ने कहा है कि यह कार्रवाई आम नागरिकों को सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी अवैध मांग और रिश्वत के दिलाने के उद्देश्य से की गई है। अधिकारीयों ने लोगों से अपील की है कि इस तरह की किसी भी अवैध मांग के खिलाफ तुरंत शिकायत दर्ज कराएं जिससे समय रहते कार्रवाई संभव हो सके।

भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती

राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी अभियान में यह गिरफ्तारी एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। सरकारी कर्मचारियों के बीच भ्रष्ट प्रथाओं को खत्म करने और योजनाओं को सही लाभार्थियों तक पहुंचाने के लिए यह कार्रवाई अहम है। एसीबी समय‑समय पर ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई कर रही है ताकि जनता का विश्वास सरकारी प्रक्रियाओं में बना रहे।

यह मामला दिखाता है कि छोटी‑सी रिश्वत की मांग भी बड़ी आपराधिक गतिविधि के दायरे में आती है और इसके लिए कानून सख्ती से कार्रवाई करता है।

राजस्थान के झुंझुनूं जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने मंगलवार को एक सरकारी कर्मचारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई एसीबी की सतर्कता और भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति का हिस्सा है।

लोन अप्रूवल के नाम पर रिश्वत

झुंझुनूं के जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र में स्टेनोग्राफर के पद पर कार्यरत नीरज कुमार पर गंभीर आरोप लगे हैं कि उन्होंने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (Prime Minister Employment Generation Programme – PMEGP) के तहत 5 लाख रुपये के ऋण प्रस्ताव को मंजूरी दिलाने के एवज में 2,500 रुपये रिश्वत मांगी और लेते हुए पकड़े गए। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि नीरज ने फाइल आगे बढ़ाने के लिए बार‑बार दबाव बनाया और पैसे की मांग की, जिससे वह परेशान हो गया और अंत में उसने एसीबी में शिकायत दर्ज कराई।

एसीबी ने बनाया जाल

परिवादी की शिकायत मिलने के बाद 16 मार्च 2026 को एसीबी टीम ने गोपनीय सत्यापन किया, जिसमें स्टेनोग्राफर द्वारा रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद एसीबी जयपुर रेंज के उप महानिरीक्षक अनिल कयाल के निर्देश पर और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरेन्द्र कुमार पूनियाँ के पर्यवेक्षण में ट्रैप की योजना बनाई गई। जब नीरज ने 2,500 रुपये नकद लेते हुए श्थानीय व्यक्ति से रिश्वत ली, तो एसीबी टीम ने उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ जारी है।

गिरफ्तारी के बाद की कार्रवाई

एसीबी ने नीरज कुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच शुरू कर दी है। टीम ने आरोपी के सीकर स्थित आवास पर भी सर्च ऑपरेशन चलाया, जिसमें कई दस्तावेज और सामग्री जब्त की गई है। अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि कहीं इससे पहले भी इस तरह की कोई अवैध गतिविधि हुई है या नहीं।

आम नागरिकों को राहत देने की कोशिश

एसीबी अधिकारीयों ने कहा है कि यह कार्रवाई आम नागरिकों को सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी अवैध मांग और रिश्वत के दिलाने के उद्देश्य से की गई है। अधिकारीयों ने लोगों से अपील की है कि इस तरह की किसी भी अवैध मांग के खिलाफ तुरंत शिकायत दर्ज कराएं जिससे समय रहते कार्रवाई संभव हो सके।

भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती

राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी अभियान में यह गिरफ्तारी एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। सरकारी कर्मचारियों के बीच भ्रष्ट प्रथाओं को खत्म करने और योजनाओं को सही लाभार्थियों तक पहुंचाने के लिए यह कार्रवाई अहम है। एसीबी समय‑समय पर ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई कर रही है ताकि जनता का विश्वास सरकारी प्रक्रियाओं में बना रहे।

यह मामला दिखाता है कि छोटी‑सी रिश्वत की मांग भी बड़ी आपराधिक गतिविधि के दायरे में आती है और इसके लिए कानून सख्ती से कार्रवाई करता है।