जयपुर में ACB की बड़ी कार्रवाई: PWD के एक्सईएन और दलाल 33 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
Jaipur में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। ACB ने सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) के एक कार्यकारी अभियंता (XEN) और एक दलाल को 33 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों ट्रैप कर गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई एक सुनियोजित जाल के तहत की गई, जिसमें दोनों आरोपियों को मौके पर ही पकड़ लिया गया।
सूत्रों के अनुसार यह रिश्वत का मामला Jhunjhunu जिले से जुड़ा हुआ है, जहां एक स्टेट हाईवे के रोड अलाइनमेंट में बदलाव करने और खातेदारी भूमि को सड़क परियोजना से बाहर निकालने के नाम पर अवैध रूप से मोटी रकम की मांग की गई थी। पीड़ित पक्ष से लगातार दबाव बनाकर यह रकम वसूली जा रही थी।
बताया जा रहा है कि संबंधित PWD अधिकारी और दलाल ने मिलकर इस पूरे सौदे को अंजाम देने की योजना बनाई थी। रिश्वत की मांग चरणबद्ध तरीके से की जा रही थी और अंततः 33 लाख रुपये की राशि तय हुई। जैसे ही शिकायत ACB तक पहुंची, विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एक ट्रैप टीम का गठन किया और पूरी निगरानी शुरू कर दी।
ACB की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए जैसे ही तय स्थान पर रिश्वत की रकम का लेन-देन हुआ, दोनों आरोपियों को दबोच लिया। मौके से रिश्वत की राशि भी बरामद कर ली गई। इस कार्रवाई के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था न हो, इसके लिए ACB ने पूरी गोपनीयता बनाए रखी थी।
इस घटना के बाद पूरे Public Works Department (PWD) में हड़कंप मच गया है। विभागीय स्तर पर भी मामले की आंतरिक जांच की संभावना जताई जा रही है। वहीं ACB अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
ACB के अधिकारियों के अनुसार, यह मामला न केवल भ्रष्टाचार की गंभीर स्थिति को दर्शाता है, बल्कि यह भी बताता है कि सरकारी परियोजनाओं में किस तरह से अवैध वसूली के लिए दबाव बनाया जाता है। स्टेट हाईवे जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में इस तरह की गतिविधियाँ विकास कार्यों को भी प्रभावित कर सकती हैं।
फिलहाल दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं। ACB इस मामले की गहन जांच कर रही है और आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी सफलता माना जा रहा है, जो सरकारी विभागों में पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
