एसीबी ने अलवर में तहसीलदार को 1.5 लाख रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया
राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने आज अलवर जिले में एक बड़ी कार्रवाई कर एक सरकारी अधिकारी को रिश्वत लेते हुए पकड़ा है। गोविन्दगढ़ में पदस्थ तहसीलदार बंसत परसोया को 1,50,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि मामले में एक दलाल भी शामिल मिला है। इस कार्रवाई से यह साफ संकेत मिलता है कि एसीबी भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख पर कायम है।
एसीबी के अनुसार शिकायतकर्ता ने यह शिकायत दर्ज कराई थी कि तहसीलदार ने भूमि दस्तावेजों को परिवादी के नाम दर्ज करवाने के लिए 5 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी। शिकायतकर्ता की अपील पर उपखंड अधिकारी ने उसे उचित आदेश जारी किया, लेकिन तहसीलदार ने पुनः फाइल पर रोक लगाकर दलाल के जरिए वित्तीय दबाव बनाने की कोशिश की।
एसबीसी ने जांच के बाद 13 मार्च को एक ट्रैप ऑपरेशन किया, जिसमें आरोपी तहसीलदार और उसके दलाल रवि उर्फ रिंकू को परिवादी से पहली किस्त के रूप में 1,50,000 रुपये लेते हुए गिरफ्तार किया गया। पहले तहसीलदार ने इस रकम के लिए कुल 3.5 लाख रुपये की मांग की थी, लेकिन बाद में रकम 1.5 लाख रुपये कर दी गई। इसे रिश्वत लेते पकड़े जाने के बाद दोनों को हिरासत में लिया गया है।
तहसीलदार पर आरोप है कि उसने जमीन दस्तावेजों के निपटान को लेकर फाइल अपने पास रख ली और दलाल के माध्यम से अतिरिक्त पैसे की मांग की, जिससे शिकायतकर्ता परेशान था। एसीबी की टीम ने कार्यालय से तहसीलदार को गिरफ्तार कर लिया और आगे पूछताछ जारी है।
एसीबी अधिकारियों ने कहा है कि यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी अभियान का हिस्सा है और ऐसे मामलों में सख्त कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने जनता से अपील की है कि अगर किसी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा काम के बदले रिश्वत की मांग की जाती है तो इसकी शिकायत उनसे तुरंत दर्ज कराई जाए।
यह मामला राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे नियंत्रण और जवाबदेही प्रयासों को पुनः उजागर करता है। जांच आगे जारी है और आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
