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अलवर के कठूमर में एसीबी की बड़ी कार्रवाई, 20 हजार की रिश्वत लेते कांस्टेबल और दलाल गिरफ्तार

अलवर के कठूमर में एसीबी की बड़ी कार्रवाई, 20 हजार की रिश्वत लेते कांस्टेबल और दलाल गिरफ्तार
 
अलवर के कठूमर में एसीबी की बड़ी कार्रवाई, 20 हजार की रिश्वत लेते कांस्टेबल और दलाल गिरफ्तार

राजस्थान के Alwar जिले के कठूमर क्षेत्र में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है। एंटी करप्शन ब्यूरो (Anti-Corruption Bureau Rajasthan) की दौसा टीम ने बुधवार (25 मार्च) देर रात छापेमारी करते हुए 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते एक पुलिस कांस्टेबल और एक दलाल को रंगे हाथों गिरफ्तार किया।

यह कार्रवाई कठूमर थाने में की गई, जहां एसीबी टीम ने पहले से बिछाए गए जाल के तहत आरोपियों को दबोच लिया। बताया जा रहा है कि यह पूरा मामला एक परिवादी की शिकायत के बाद सामने आया, जिसने आरोप लगाया था कि उसके बेटे को एक आपराधिक मामले से बचाने के एवज में उससे 40 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की जा रही है।

परिवादी की शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने मामले का सत्यापन किया और आरोप सही पाए जाने पर कार्रवाई की योजना बनाई। इसके बाद दौसा और भरतपुर की संयुक्त एसीबी टीम ने रणनीति बनाकर ट्रैप लगाया और तय राशि की पहली किस्त के रूप में 20 हजार रुपये लेते ही दोनों आरोपियों को पकड़ लिया गया।

एसीबी अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार कांस्टेबल पर आरोप है कि वह मामले को रफा-दफा करने और राहत दिलाने के नाम पर रिश्वत की मांग में शामिल था, जबकि दलाल के माध्यम से यह सौदा तय किया जा रहा था। दोनों को मौके पर ही हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है।

छापेमारी की इस कार्रवाई के दौरान थाने में हड़कंप मच गया और पूरे इलाके में मामले की चर्चा फैल गई। एसीबी टीम ने मौके से रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली है और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

सूत्रों के अनुसार, एसीबी अब यह भी जांच कर रही है कि इस मामले में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं तथा क्या यह किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा है। टीम यह भी पता लगाने में जुटी है कि क्या इससे पहले भी इस तरह की वसूली की गई थी या नहीं।

गौरतलब है कि राजस्थान में भ्रष्टाचार के मामलों पर लगाम लगाने के लिए एसीबी लगातार सक्रिय है और समय-समय पर सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ ट्रैप कार्रवाई करती रही है। इस तरह की कार्रवाइयों का उद्देश्य सरकारी सिस्टम में पारदर्शिता लाना और आम लोगों को राहत देना है।

इस कार्रवाई के बाद स्थानीय स्तर पर पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। हालांकि विभागीय स्तर पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

फिलहाल दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की पूछताछ की जा रही है और एसीबी यह पता लगाने में जुटी है कि रिश्वत की यह मांग किस स्तर तक और किन परिस्थितियों में की जा रही थी। मामला आगे और भी बड़े खुलासों की ओर इशारा कर रहा है।