जयपुर के जोबनेर में पत्थर की खान ढही, मलबे में दबने से यूपी के मजदूर की मौत; 15 घंटे बाद निकाला शव
राजस्थान की राजधानी जयपुर के जोबनेर क्षेत्र में पत्थर की खान ढहने से बड़ा हादसा हो गया। महेशवास गांव के पास मंगलवार शाम करीब 5 बजे हुई घटना में मलबे के नीचे दबने से एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि मशीन ड्राइवर घायल हो गया। हादसे के बाद पुलिस और प्रशासन की टीमों ने मौके पर पहुंचकर बचाव अभियान शुरू किया। रातभर चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद बुधवार सुबह करीब 8:30 बजे मजदूर का शव बाहर निकाला जा सका। उसे करीब 15 घंटे बाद मलबे से निकाला गया।
मृतक की पहचान उत्तर प्रदेश निवासी सच्चेलाल यादव के रूप में हुई है। वह खदान में हेल्पर का काम करता था। हादसे में घायल मशीन ड्राइवर दुर्गेश जायसवाल को मंगलवार शाम ही सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था। शव को जोबनेर अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है।
महेशवास गांव के पास ढही खदान
जोबनेर थानाधिकारी मोतीलाल शर्मा के अनुसार, हादसा मंगलवार शाम महेशवास गांव में बंधे के बालाजी के पास स्थित पत्थर की खदान में हुआ। खदान ढहने के बाद पत्थरों और मलबे के नीचे मजदूर के दबे होने की सूचना पुलिस को मिली।सूचना मिलते ही जोबनेर थाना पुलिस और सांभर लेक के एसडीएम ऋषिराज कपिल मौके पर पहुंचे। हालात की गंभीरता को देखते हुए बचाव अभियान शुरू किया गया। मलबे में दबे हेल्पर की तलाश के लिए सिविल डिफेंस और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीमों की सहायता ली गई।
जेसीबी और पॉकलेन मशीनों से हटाया मलबा
रेस्क्यू टीमों ने खदान में जमा पत्थरों और मलबे को हटाने के लिए जेसीबी और पॉकलेन मशीनों का इस्तेमाल किया। मशीनों की मदद से लगातार खुदाई कर दबे हुए मजदूर तक पहुंचने का प्रयास किया गया। अभियान के दौरान सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सावधानी से मलबा हटाया गया।मशीन ड्राइवर दुर्गेश जायसवाल को मंगलवार शाम सुरक्षित निकाल लिया गया था। इसके बाद टीमों का पूरा ध्यान मलबे में दबे सच्चेलाल यादव को तलाशने पर रहा। रातभर चले अभियान के बाद बुधवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे उसका शव बरामद हुआ।
अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया शव
रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने के बाद शव को जोबनेर अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया। पुलिस हादसे से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटा रही है। खदान किस परिस्थिति में ढही और हादसे के समय वहां सुरक्षा के क्या इंतजाम थे, इन पहलुओं की जांच महत्वपूर्ण होगी।
खदानों में सुरक्षा व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
पत्थर की खदान में हुए इस हादसे ने खनन स्थलों पर काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। खदानों में पत्थर गिरने या मलबा ढहने जैसी घटनाएं कामगारों के लिए गंभीर खतरा बन सकती हैं। ऐसे में खनन कार्य के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन और नियमित निरीक्षण जरूरी है।फिलहाल हादसे में एक मजदूर की मौत हुई है, जबकि मशीन ड्राइवर घायल हुआ है। पुलिस और प्रशासन की ओर से मामले की जांच की जा रही है।
