भैराणा रीको औद्योगिक क्षेत्र विवाद में नया मोड़, वीडियो में समझे संघर्ष समिति ने राजनीतिक बयानबाजी से बनाई दूरी
दादूधाम भैराणा में प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र को लेकर लंबे समय से विरोध और आंदोलन जारी है। सोमवार को संघर्ष समिति की ओर से जारी बयान में कहा गया कि प्रशासन के साथ हुई बातचीत रचनात्मक और सकारात्मक रही है। समिति ने स्पष्ट किया कि उसका उद्देश्य केवल क्षेत्र और धार्मिक स्थल से जुड़े मुद्दों का समाधान निकालना है।समिति ने यह भी कहा कि आंदोलन के दौरान मंच से दिए गए कुछ राजनीतिक बयानों से उसका कोई संबंध नहीं है। संघर्ष समिति ने सरकार और प्रशासन के साथ सीधे संवाद की प्रक्रिया जारी रखने की बात दोहराई।
बेनीवाल ने सरकार पर लगाए आरोप
दूसरी ओर Hanuman Beniwal ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि समझौते और बातचीत के बावजूद अब तक ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।उन्होंने दावा किया कि संतों और आंदोलन से जुड़े लोगों पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। बेनीवाल ने कहा कि यदि सरकार ने अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा नहीं किया तो आंदोलन और तेज हो सकता है।
विवाद के केंद्र में रीको औद्योगिक क्षेत्र
विवाद का मुख्य मुद्दा दादूधाम भैराणा क्षेत्र के निकट प्रस्तावित रीको औद्योगिक क्षेत्र है। स्थानीय लोगों और संत समाज का एक वर्ग इस परियोजना का विरोध कर रहा है। उनका कहना है कि इससे धार्मिक और सामाजिक वातावरण प्रभावित हो सकता है।वहीं, सरकार और प्रशासन की ओर से औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन के दृष्टिकोण से परियोजना को महत्वपूर्ण बताया जा रहा है।
आगे की रणनीति पर नजर
संघर्ष समिति और सरकार के बीच बातचीत जारी रहने के संकेतों के बीच अब सभी की नजर आगामी बैठकों और प्रशासनिक फैसलों पर टिकी है। फिलहाल समिति ने संवाद के रास्ते को प्राथमिकता देने की बात कही है, जबकि विपक्षी नेता और आंदोलन से जुड़े कुछ अन्य पक्ष सरकार पर दबाव बनाए हुए हैं। इस घटनाक्रम के बाद भैराणा औद्योगिक क्षेत्र विवाद एक बार फिर प्रदेश की राजनीति और जनचर्चा का प्रमुख मुद्दा बन गया है।
