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जयपुर में शादी के सीजन में नया ट्रेंड, दुल्हनें ब्लाउज पर करवा रही हैं ‘पिया का नाम’, सोशल मीडिया पर वायरल

जयपुर में शादी के सीजन में नया ट्रेंड, दुल्हनें ब्लाउज पर करवा रही हैं ‘पिया का नाम’, सोशल मीडिया पर वायरल
 
जयपुर में शादी के सीजन में नया ट्रेंड, दुल्हनें ब्लाउज पर करवा रही हैं ‘पिया का नाम’, सोशल मीडिया पर वायरल

शादी का सीजन आते ही भारतीय ब्राइडल फैशन में नए-नए ट्रेंड सामने आ रहे हैं। इस बार एक रोमांटिक और अनोखा फैशन ट्रेंड उभरकर सामने आया है। पहले दुल्हनें अपने हाथों पर मेहंदी में दूल्हे का नाम छिपाया करती थीं, वहीं अब महिलाएं अपने ब्लाउज पर ‘पिया का नाम’ एम्ब्रॉयडरी या एंग्रेव करवा रही हैं। यह ट्रेंड सोशल मीडिया प्लेटफार्म्स पर तेजी से वायरल हो रहा है और युवा दुल्हनों में खासा लोकप्रिय हो गया है।

फैशन विशेषज्ञों के अनुसार, यह ट्रेंड पारंपरिक और आधुनिक शैली का अनोखा मिश्रण है। पहले जहां दुल्हनें मेहंदी या आभूषणों में दूल्हे के नाम का जिक्र करती थीं, वहीं अब ब्लाउज पर नाम को एम्ब्रॉयडरी या एंग्रेव करवाकर इसे एक व्यक्तिगत और स्टाइलिश टच दिया जा रहा है। इस ट्रेंड को अपनाने वाली दुल्हनें इसे अपने शादी के दिन के लिए एक यादगार और रोमांटिक तरीका मानती हैं।

सिले और डिजाइनिंग से जुड़े पेशेवरों का कहना है कि शादी के सीजन में इस तरह के कस्टमाइज्ड ब्लाउज की मांग तेजी से बढ़ रही है। जयपुर और राजस्थान के अन्य शहरों में फैशन डिजाइनर्स ने बताया कि इस साल करीब 40-50 प्रतिशत दुल्हनों ने अपने ब्लाउज पर दूल्हे का नाम एम्ब्रॉयड करने का ऑर्डर दिया है। उन्होंने कहा कि यह ट्रेंड सिर्फ पारंपरिक लुक को आकर्षक बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि सोशल मीडिया पर दुल्हनों की तस्वीरें वायरल होने का भी एक कारण बन रहा है।

सोशल मीडिया प्लेटफार्म्स जैसे इंस्टाग्राम और पिन्टरेस्ट पर #PiyaKaNaam और #BrideBlouse नाम के हैशटैग के तहत इस ट्रेंड की हजारों तस्वीरें शेयर की जा रही हैं। दुल्हनें और फैशन ब्लॉगर इस ट्रेंड को बहुत पसंद कर रहे हैं और इसे ‘कस्टमाइज्ड ब्राइडल फैशन का नया आइकन’ भी कहा जा रहा है।

स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि ब्लाउज पर नाम एम्ब्रॉयड करने के लिए पारंपरिक सुई-धागा से लेकर लेजर एंग्रेविंग तक कई तकनीकें इस्तेमाल की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि डिजाइनिंग के दौरान रंग, फॉन्ट और पैटर्न को दुल्हन की शादी के थीम और साड़ी के अनुसार चुना जाता है। इस वजह से ब्लाउज को पूरी तरह व्यक्तिगत और खास बनाया जा सकता है।

फैशन विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि यह ट्रेंड दुल्हनों के आत्मविश्वास और रचनात्मकता को बढ़ाने का माध्यम बन गया है। उन्होंने कहा कि आजकल युवा दुल्हनें सिर्फ पारंपरिक पहनावे तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे अपने लुक को व्यक्तिगत स्पर्श और कहानी के साथ पेश करना चाहती हैं।

दुल्हनों के लिए यह ट्रेंड न केवल स्टाइल का प्रतीक है, बल्कि उनके और दूल्हे के बीच के रोमांटिक बंधन को भी दर्शाता है। इस तरह के कस्टमाइज्ड ब्लाउज शादी की तस्वीरों और वीडियो में भी एक यादगार और यूनिक लुक जोड़ देते हैं।

शादी के सीजन में यह नया ट्रेंड न केवल राजस्थान, बल्कि पूरे देश में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। डिजाइनर्स का कहना है कि आने वाले वर्षों में ब्लाउज पर दूल्हे का नाम या शादी के थीम आधारित कस्टमाइजेशन और भी अधिक बढ़ सकता है।