0 से ज्यादा गांवों का प्रतिनिधिमंडल पहुंचा जयपुर, मंत्री किरोड़ीलाल मीणा को सुनाया अपना दर्द, मिल सकता है तोहफा
राजस्थान में बुनियादी रेल सुविधाओं के विस्तार की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। बाकरारोड रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों के ठहराव और यात्री सुविधाओं के विकास को लेकर स्थानीय ग्रामीणों ने जोरदार आवाज उठाई है। इस मुद्दे को लेकर ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को राजधानी जयपुर पहुंचा और राज्य के मंत्री किरोड़ी लाल मीणा से मुलाकात कर विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
ग्रामीणों का कहना है कि बाकरारोड रेलवे स्टेशन पर कई महत्वपूर्ण एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों का ठहराव न होने के कारण क्षेत्र के हजारों यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। रोजाना नौकरी, शिक्षा और व्यापार के लिए यात्रा करने वाले लोगों को दूसरे बड़े स्टेशनों तक पहुंचने के लिए अतिरिक्त समय और पैसे खर्च करने पड़ते हैं।
प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री को अवगत कराया कि स्टेशन पर बुनियादी सुविधाओं की भी कमी है। प्रतीक्षालय, पेयजल व्यवस्था, स्वच्छ शौचालय, प्रकाश व्यवस्था और प्लेटफॉर्म विस्तार जैसी सुविधाओं का अभाव यात्रियों के लिए बड़ी समस्या बना हुआ है। ग्रामीणों ने मांग की कि स्टेशन को विकसित कर इसे क्षेत्रीय स्तर पर एक प्रमुख स्टॉपेज के रूप में शामिल किया जाए।
जयपुर में हुई इस बैठक के दौरान ग्रामीणों ने बताया कि यदि कुछ प्रमुख ट्रेनों का ठहराव बाकरारोड स्टेशन पर शुरू कर दिया जाए तो आसपास के दर्जनों गांवों के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। साथ ही स्थानीय व्यापार और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि इस मामले को रेलवे विभाग के समक्ष उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में रेल सुविधाओं का विस्तार सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है और जनहित से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक कार्रवाई की जाएगी।
इस दौरान ग्रामीणों ने यह भी कहा कि लंबे समय से यह मांग लंबित है, लेकिन अब वे इसे लेकर संगठित रूप से आवाज उठा रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो आंदोलन का रास्ता भी अपनाया जा सकता है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि बाकरारोड रेलवे स्टेशन का रणनीतिक महत्व है, और यदि यहां ट्रेनों का ठहराव बढ़ाया जाए तो यह पूरा क्षेत्र विकास की मुख्यधारा से जुड़ सकता है। ग्रामीणों ने यह भी सुझाव दिया कि रेलवे समय सारिणी में संशोधन कर कुछ ट्रेनों को इस स्टेशन पर रोकने की व्यवस्था की जाए।
फिलहाल अब सभी की नजरें रेलवे प्रशासन और राज्य सरकार की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। ग्रामीणों को उम्मीद है कि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा, जिससे क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
