पौराणिकता और आधुनिकता का संगम, ट्रैवलेटर सहित नई सुविधाओं के निर्देश; सावन से पहले तैयारियों पर सीएम सख्त
राजधानी जयपुर स्थित प्राचीन और प्रसिद्ध तीर्थ स्थल गलता धाम के विकास को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस धार्मिक स्थल को पौराणिकता के साथ आधुनिक सुविधाओं से जोड़ा जाए, ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव मिल सके।
सरकार की योजना के तहत गलता धाम में आधुनिक सुविधाओं का विकास किया जाएगा, जिसमें ट्रैवलेटर जैसी व्यवस्था भी शामिल है। इससे बुजुर्गों और दिव्यांग श्रद्धालुओं को मंदिर परिसर तक पहुंचने में आसानी होगी। साथ ही, तीर्थ क्षेत्र की स्वच्छता, सुरक्षा और आधारभूत ढांचे को भी मजबूत किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि सावन माह से पहले गलता धाम की साफ-सफाई और सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी तरह दुरुस्त कर ली जाएं। इस दौरान लाखों श्रद्धालुओं के आने की संभावना को देखते हुए विशेष तैयारी करने पर जोर दिया गया है।
बैठक में यह भी तय किया गया कि धाम की पारंपरिक धार्मिक पहचान को बनाए रखते हुए विकास कार्य किए जाएंगे, ताकि इसकी पौराणिक गरिमा भी सुरक्षित रहे और आधुनिक सुविधाओं का लाभ भी श्रद्धालुओं को मिल सके।
पर्यटन और देवस्थान विभाग को इस परियोजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, क्षेत्र में यातायात व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया है।
स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने इस पहल का स्वागत किया है। उनका कहना है कि लंबे समय से इस धार्मिक स्थल के विकास की आवश्यकता महसूस की जा रही थी, जिससे अब यहां आने वाले लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि गलता धाम के विकास से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और जयपुर की सांस्कृतिक पहचान और अधिक मजबूत होगी। साथ ही, यह परियोजना आधुनिक धार्मिक पर्यटन मॉडल के रूप में भी सामने आ सकती है।
फिलहाल प्रशासनिक स्तर पर योजना को अंतिम रूप दिया जा रहा है और जल्द ही विकास कार्यों की शुरुआत होने की उम्मीद है।
