3 साल की मासूम 9 घंटे बाद सकुशल मिली, पुलिस ने किया बरामद
कोटपूतली के फतेहपुरा गांव से लापता हुई 3 साल की मासूम बच्ची 9 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सकुशल मिल गई। बच्ची की बरामदगी के बाद परिजनों ने राहत की लंबी सांस ली और पूरे गांव में खुशी का माहौल बन गया।
सूत्रों के अनुसार, बच्ची अचानक लापता हो गई थी और परिजनों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने तुरंत पूरे इलाके में तलाशी अभियान शुरू किया। फतेहपुरा गांव और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस, स्थानीय नागरिक और ग्रामीणों ने मिलकर खोजबीन की।
करीब 9 घंटे की लगातार कोशिशों के बाद पुलिस ने बच्ची को घर से कुछ दूरी पर पड़ोसी के मकान से सकुशल बरामद किया। पुलिस ने बताया कि बच्ची को किसी प्रकार का नुकसान नहीं हुआ है और वह सुरक्षित है। परिजन भी राहत महसूस कर रहे हैं।
पुलिस ने बच्ची को तुरंत मेडिकल जांच के लिए अस्पताल भेजा, ताकि उसकी सेहत का पूरा निरीक्षण किया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि बच्ची फिलहाल पूरी तरह सुरक्षित है और उसे किसी प्रकार की चोट या स्वास्थ्य समस्या नहीं है।
इस घटना के बाद पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है। पड़ोसी और अन्य संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि बच्ची किन परिस्थितियों में उस मकान तक पहुंची और क्या इसमें किसी प्रकार की जानबूझकर की गई घटना शामिल थी।
स्थानीय लोग भी बच्ची की बरामदगी के बाद खुश हैं। उन्होंने पुलिस और ग्रामीणों की तत्परता और सहयोग की सराहना की। उनका कहना है कि इस तरह के समय पर सतर्क और तेज़ कार्रवाई से कई जटिल स्थितियों को हल किया जा सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा के लिए माता-पिता और समुदाय दोनों को सतर्क रहना चाहिए। ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए पुलिस की तत्परता, स्थानीय जागरूकता और सामुदायिक सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होते हैं।
इस प्रकार, कोटपूतली के फतेहपुरा गांव में लापता हुई तीन साल की बच्ची की सकुशल बरामदगी ने न केवल परिवार को राहत दी है, बल्कि पूरे इलाके में पुलिस और समुदाय के सहयोग का सकारात्मक संदेश भी पहुंचाया है।
पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया है और जांच जारी है। अधिकारियों ने बताया कि हर पहलू की समीक्षा की जा रही है और किसी भी संभावित अपराध या लापरवाही को उजागर किया जाएगा।
इस घटना से यह स्पष्ट हो गया है कि समय रहते कार्रवाई और सतर्कता बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में निर्णायक भूमिका निभाती है। परिवार और पुलिस की सक्रियता के चलते यह मामला सुखद अंत के साथ समाप्त हुआ।
