Jaipur में ठेले वालों के भेष में राजस्थान में घुसे रोहिंग्या और बांग्लोदशी, सरकार कराए नागरिकता की जांच-चतुर्वेदी

जयपुर न्यूज़ डेस्क - भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी ने जयपुर समेत पूरे प्रदेश में बेतहाशा वृद्धि को लेकर सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा है कि जिस तरह से ठेले वालों की संख्या बढ़ी है, सरकार को इन ठेले वालों की नागरिकता की जांच करनी चाहिए। मेरी जानकारी में इन वेंडरों में रोहिंग्या और बांग्लादेशियों के साथ कई अपराधी भी हैं। भाजपा मुख्यालय में पत्रकार वार्ता में चतुर्वेदी ने कहा कि सरकार केवल वोट की राजनीति के लिए ढिलाई बरत रही है और कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। मेरा साफ आरोप है कि राजस्थान सरकार और गृह विभाग इसकी अनदेखी कर रहा है।
आने वाले समय में यह विषय कानून की वजह से भी बड़ा मुद्दा बन सकता है। मीट की अवैध दुकानों पर चतुर्वेदी ने कहा कि जयपुर में अवैध रूप से 12 हजार मीट की दुकानें चल रही हैं। गौ उपकर के तहत 25 करोड़ मिले, फिर भी गाय सड़कों पर घूम रही हैं। अवैध जमाखोरी से हुआ 500 करोड़ का नुकसान एलईडी लाइट बंद है। द्रव्यवती नदी परियोजना का लोगों को लाभ मिला था, लेकिन 80 करोड़ नहीं देने के कारण सीवरेज टैंक बना दिया गया। चतुर्वेदी ने कहा कि इस सरकार ने 4 साल में शहर की सरकारों को पंगु बना दिया है। जिन निकायों में भाजपा के बोर्ड हैं। सरकार उन निकायों के साथ दोहरा व्यवहार कर रही है। उन निकायों को राज्य सरकार की ओर से कोई आर्थिक मदद नहीं दी जा रही है।
शहरों में भी नगरसेवकों के बजाय कांग्रेस के पराजित विधायकों की अनुशंसा पर काम किया जा रहा है। चतुर्वेदी ने आरोप लगाया कि सरकार ने अन्य निकायों का भी पैसा कोटा में लगाया है। उन्होंने नगर प्रशासन के साथ अभियान को लेकर सरकार पर भी आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने प्रचार में 10 लाख पट्टों की घोषणा की थी, लेकिन जनता ने कहा है कि नगर निकायों में पैसा दो पट्टों का चल रहा है। विधायक प्रचार में चांदी लुटा रहे हैं। उन्होंने स्थानीय निकायों में समितियों का गठन नहीं होने का मुद्दा भी उठाया और कहा कि जयपुर नगर निगम हेरिटेज में मंत्रियों के आपसी कलह के कारण समिति का गठन नहीं किया गया, जबकि यह उनकी अपनी सरकार है।