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श्रीगंगानगर में 74वां दशहरा महोत्सव संपन्न, दो मिनट के वीडियो देंखे रावण-दहन के दौरान युवक घायल

श्रीगंगानगर में 74वां दशहरा महोत्सव संपन्न, दो मिनट के वीडियो देंखे रावण-दहन के दौरान युवक घायल
 
श्रीगंगानगर में 74वां दशहरा महोत्सव संपन्न, दो मिनट के वीडियो देंखे रावण-दहन के दौरान युवक घायल

श्रीगंगानगर में श्रीसनातन धर्म महावीर दल द्वारा आयोजित 74वां दशहरा महोत्सव रविवार को सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस अवसर पर सांस्कृतिक धूमधाम और भव्य आयोजन देखने को मिला। शाम को महोत्सव में 70 फीट ऊँचे रावण, 65 फीट कुंभकर्ण और 60 फीट मेघनाद के पुतलों का दहन किया गया, जिसे देखने के लिए शहरवासियों और पर्यटकों की भीड़ उमड़ी।

पुतलों के दहन का दृश्य शानदार और रोमांचक रहा। रावण की आंखों से बरसते अंगारे और घूमते मेघनाद का सिर मुख्य आकर्षण बने। लोग इस दृश्य को देखकर मंत्रमुग्ध हो गए और बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक ने उत्सव का आनंद लिया। आग और रंगों के इस नजारे ने महोत्सव की शोभा और बढ़ा दी।

हालांकि, उत्सव के दौरान सूरतगढ़ में एक अप्रत्याशित घटना हुई। कुंभकर्ण का जलता हुआ पुतला एक युवक पर गिर गया, जिससे वह झुलस गया। घायल युवक को तुरंत स्थानीय लोगों और आयोजकों की मदद से पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है। अस्पताल सूत्रों के अनुसार युवक की स्थिति स्थिर है और चिकित्सक उसकी निगरानी कर रहे हैं।

आयोजकों ने घटना के प्रति खेद व्यक्त करते हुए कहा कि यह एक दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना थी। उन्होंने सुरक्षा उपायों को और सख्त करने का आश्वासन दिया ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके। इसके बावजूद, महोत्सव के मुख्य आकर्षण और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में कोई बाधा नहीं आई और दशहरा उत्सव को शहर में धूमधाम के साथ मनाया गया।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार के विशाल पुतलों के दहन में सुरक्षा सर्वोपरि होती है। आयोजकों और स्थानीय प्रशासन को चाहिए कि वे भीड़ नियंत्रण, दूरी बनाए रखना और आग की दिशा के उपाय सुनिश्चित करें, ताकि दर्शकों और प्रतिभागियों को किसी प्रकार का खतरा न हो।

श्रीगंगानगर में दशहरा महोत्सव न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह सांस्कृतिक और सामाजिक दृष्टि से भी लोगों को जोड़ने का काम करता है। इस मौके पर स्कूलों, कॉलेजों और विभिन्न सामाजिक संस्थाओं ने भाग लिया। बच्चों ने भी इस उत्सव में बड़ी उत्साह के साथ हिस्सा लिया, और पुतले के दहन के दौरान उत्सव का आनंद लिया।

स्थानीय प्रशासन ने महोत्सव के दौरान सुरक्षा की विशेष व्यवस्था की थी। पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम ने पूरे समय नजर रखी। इसके बावजूद, सूरतगढ़ की घटना ने सुरक्षा के महत्व पर दोबारा ध्यान दिलाया।

इस तरह, श्रीगंगानगर में 74वां दशहरा महोत्सव धार्मिक भक्ति, सांस्कृतिक उल्लास और सामाजिक एकजुटता का प्रतीक बनकर उभरा। रावण-दहन की भव्यता ने लोगों के उत्साह को बढ़ाया, जबकि सूरतगढ़ में हुई दुर्घटना ने भविष्य में सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने की जरूरत पर प्रकाश डाला।