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डिग्गी में 61वीं लक्खी पदयात्रा संपन्न, शाही केसरिया निशान ध्वज के साथ गंगोत्री जल से हुआ श्री कल्याण जी का अभिषेक

डिग्गी में 61वीं लक्खी पदयात्रा संपन्न, शाही केसरिया निशान ध्वज के साथ गंगोत्री जल से हुआ श्री कल्याण जी का अभिषेक
 
डिग्गी में 61वीं लक्खी पदयात्रा संपन्न, शाही केसरिया निशान ध्वज के साथ गंगोत्री जल से हुआ श्री कल्याण जी का अभिषेक

राजस्थान के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल डिग्गी में भगवान श्री कल्याण जी महाराज की 61वीं लक्खी पदयात्रा शनिवार को श्रद्धा और भक्ति के साथ संपन्न हो गई। पदयात्रा के समापन अवसर पर शाही केसरिया निशान ध्वज को भगवान श्री कल्याण जी के निज धाम में विधिवत रूप से अर्पित किया गया। इस दौरान डिग्गी का पूरा वातावरण भक्तिमय नजर आया। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में दिनभर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही और भगवान श्री कल्याण जी के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंजता रहा।

लक्खी पदयात्रा के समापन अवसर पर धार्मिक अनुष्ठानों के साथ भगवान श्री कल्याण जी का विशेष जलाभिषेक किया गया। इसके लिए गंगोत्री से लाए गए पवित्र जल का इस्तेमाल किया गया। श्रद्धालुओं ने इसे भगवान के चरणों में अर्पित कर पूजा-अर्चना की और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।

शाही केसरिया निशान ध्वज किया अर्पित

61वीं लक्खी पदयात्रा के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। पदयात्रा के समापन पर शाही केसरिया निशान ध्वज को भगवान श्री कल्याण जी के निज धाम में विधिवत रूप से अर्पित किया गया। धार्मिक परंपरा के अनुसार निशान ध्वज अर्पित करने के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

ध्वज अर्पण के समय मंदिर परिसर में भक्ति और उत्साह का माहौल बना रहा। श्रद्धालुओं ने भगवान श्री कल्याण जी के जयकारे लगाए और पूजा-अर्चना की।

गंगोत्री के पवित्र जल से जलाभिषेक

समापन समारोह में भगवान श्री कल्याण जी महाराज का गंगोत्री से लाए गए पवित्र जल से जलाभिषेक किया गया। इस विशेष धार्मिक आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में काफी उत्साह रहा। मंदिर में विधिवत पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच भगवान का अभिषेक किया गया।

दिनभर हजारों श्रद्धालु डिग्गी पहुंचे और भगवान श्री कल्याण जी के दर्शन किए। श्रद्धालुओं ने मंदिर में पूजा-अर्चना कर मनोकामनाएं मांगीं। मंदिर परिसर में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की कतारें लगी रहीं।

जयकारों से गूंजता रहा डिग्गी

लक्खी पदयात्रा के समापन के दौरान पूरे डिग्गी में धार्मिक माहौल बना रहा। मंदिर परिसर के अलावा आसपास के रास्तों पर भी श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही। जगह-जगह भगवान श्री कल्याण जी के जयकारे सुनाई देते रहे।

पदयात्रा में शामिल श्रद्धालुओं ने धार्मिक आस्था के साथ भगवान के दर्शन किए। कई श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना के साथ परिवार की खुशहाली, स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना की।

सुरक्षा व्यवस्था के रहे पुख्ता इंतजाम

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन और पुलिस की ओर से सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे। मंदिर परिसर और प्रमुख स्थानों पर पुलिस का भारी जाप्ता तैनात रहा। भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं को व्यवस्थित तरीके से दर्शन कराने के लिए पुलिसकर्मी लगातार निगरानी करते रहे।

61वीं लक्खी पदयात्रा के सफल समापन के साथ डिग्गी में एक बार फिर आस्था और श्रद्धा का बड़ा संगम देखने को मिला। हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी, शाही केसरिया निशान ध्वज की विधिवत अर्पणा और गंगोत्री जल से भगवान के अभिषेक ने इस धार्मिक आयोजन को विशेष बना दिया। समापन के बाद भी डिग्गी में देर तक भक्ति और श्रद्धा का माहौल बना रहा।