बांसवाड़ा में ओवरलोडिंग का खतरनाक खेल, 16 सीटर जीप में 60 सवारियां, वीडियो वायरल
राजस्थान के बांसवाड़ा जिले से एक बार फिर परिवहन व्यवस्था की बदहाली और लापरवाही का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जिले के आनंदपुरी इलाके में 16 सीटर जीप में करीब 60 सवारियों को भरकर ले जाने का खतरनाक नजारा देखने को मिला। जीप के अंदर ही नहीं, बल्कि बाहर, बोनट, छत और स्टेपनी तक पर लोग बैठे नजर आए। हैरानी की बात यह है कि इतनी भारी ओवरलोडिंग के बावजूद ड्राइवर को न तो यात्रियों की जान की परवाह दिखी और न ही कानून का कोई डर।
इस खतरनाक सफर का वीडियो सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि जीप में बैठने की कोई जगह नहीं बची है। लोग एक-दूसरे से सटे हुए, जान जोखिम में डालकर यात्रा कर रहे हैं। जरा सी चूक या ब्रेक लगने की स्थिति में बड़ा हादसा हो सकता था। इसके बावजूद यह वाहन खुलेआम सड़कों पर दौड़ता रहा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि आनंदपुरी और आसपास के ग्रामीण इलाकों में रोडवेज बसों और अन्य सार्वजनिक परिवहन साधनों की भारी कमी है। मजबूरी में लोगों को ऐसे निजी और अवैध साधनों पर निर्भर रहना पड़ता है। रोजमर्रा के काम, बाजार, अस्पताल और अन्य जरूरी जरूरतों के लिए ग्रामीणों के पास यही एकमात्र विकल्प बचता है। इसी मजबूरी का फायदा वाहन चालक उठाते हैं और नियमों को ताक पर रखकर यात्रियों को ठूंस-ठूंसकर भर लेते हैं।
इस मामले पर वीडियो वायरल होने के बाद परिवहन विभाग और प्रशासन की भी प्रतिक्रिया सामने आई है। शुक्रवार को जिम्मेदार अधिकारियों ने बताया कि वीडियो संज्ञान में आने के बाद परिवहन विभाग की ओर से टीमें भेजी गईं और ओवरलोडिंग वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। अधिकारियों के अनुसार, नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के चालान काटे गए हैं और आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
हालांकि अधिकारियों ने यह भी स्वीकार किया कि क्षेत्र में परिवहन साधनों की कमी के कारण ऐसे हालात बन रहे हैं। दूर-दराज और आदिवासी बहुल इलाकों में रोडवेज बसों की संख्या सीमित है, जिससे लोगों को निजी वाहनों पर निर्भर होना पड़ता है। प्रशासन का कहना है कि इस समस्या को लेकर उच्च स्तर पर रिपोर्ट भेजी गई है और भविष्य में परिवहन सुविधाएं बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है।
वहीं, सड़क सुरक्षा से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की ओवरलोडिंग न सिर्फ यात्रियों के लिए जानलेवा है, बल्कि सड़क पर चल रहे अन्य वाहन चालकों के लिए भी खतरा पैदा करती है। पहले भी प्रदेश में ओवरलोडिंग के कारण कई बड़े हादसे हो चुके हैं, जिनमें दर्जनों लोगों की जान जा चुकी है।
स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि आनंदपुरी और आसपास के क्षेत्रों में नियमित रोडवेज बस सेवाएं शुरू की जाएं, ताकि ग्रामीणों को सुरक्षित यात्रा का विकल्प मिल सके। साथ ही, ओवरलोडिंग करने वाले वाहन चालकों पर सख्त और निरंतर कार्रवाई की जाए।
