दुबई में फंसे शेखावाटी के 6 युवक, बोले- नौकरी के नाम पर धोखा हुआ; वीडियो में जाने 16 घंटे काम, भारत लौटने के लिए 80 हजार रुपए मांगने का आरोप
राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र के छह युवक दुबई में नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी का शिकार होने का आरोप लगा रहे हैं। चूरू और झुंझुनूं के इन युवकों ने वीडियो जारी कर अपनी परेशानी बताई है। उनका कहना है कि वे परिवार से कर्ज लेकर विदेश में कमाने गए थे, लेकिन वहां पहुंचने के बाद उन्हें दूसरी सप्लाई कंपनी के हवाले कर दिया गया। युवकों ने आरोप लगाया कि उनके पासपोर्ट ले लिए गए हैं, सुबह 4 बजे उठा दिया जाता है और 16 घंटे तक काम कराया जाता है।युवकों के मुताबिक, अब उनके सामने रहने और खाने का संकट भी खड़ा हो गया है। उन्होंने भारत लौटने के लिए एक व्यक्ति की ओर से 80 हजार रुपए मांगे जाने का आरोप लगाया है। युवकों ने संबंधित एजेंट और कंपनी से मदद की अपील करते हुए कहा कि वे किसी तरह अपने घर वापस आना चाहते हैं।
परिवार से उधार लेकर गए थे दुबई
वीडियो में अपनी पीड़ा बताते हुए युवकों ने कहा कि वे परिवारों से दूर बेहतर कमाई और रोजगार की उम्मीद लेकर दुबई गए थे। उन्होंने नौकरी दिलाने वाले एजेंट पर भरोसा किया और यात्रा के लिए परिवार से पैसे लिए। कुछ युवकों का कहना है कि उनके परिवारों ने ब्याज पर 50 हजार रुपए तक का कर्ज लिया था।युवकों के अनुसार, दुबई पहुंचने के बाद उन्हें एहसास हुआ कि नौकरी के नाम पर उनके साथ धोखा हुआ है। उनका आरोप है कि एयरपोर्ट से बाहर निकलने के बाद ही उनके सपने टूटने लगे, क्योंकि जिस काम और कंपनी का भरोसा दिलाया गया था, वहां उन्हें काम नहीं मिला।
पासपोर्ट लेने और 16 घंटे काम कराने का आरोप
युवकों ने दावा किया कि दुबई पहुंचने के बाद उन्हें दूसरी सप्लाई कंपनी के हवाले कर दिया गया। उनका आरोप है कि कंपनी ने उनके पासपोर्ट अपने पास रख लिए और सुबह करीब 4 बजे ही काम के लिए उठा दिया जाता है। उनसे लगभग 16 घंटे तक काम कराया जाता है।युवकों का कहना है कि परिस्थितियां इतनी खराब हो गई हैं कि अब उनके लिए वहां रहना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी ने उन्हें कमरों से बाहर निकाल दिया है, जिससे रहने और खाने की व्यवस्था भी नहीं बची है।
भारत लौटने के लिए 80 हजार रुपए मांगने का आरोप
वीडियो में युवकों ने यह भी आरोप लगाया कि भारत वापस भेजने के लिए एक व्यक्ति उनसे 80 हजार रुपए मांग रहा है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आने वाले इन युवकों के लिए इतनी बड़ी रकम जुटाना मुश्किल है। उनका कहना है कि वे पहले ही नौकरी की उम्मीद में परिवार से कर्ज लेकर विदेश पहुंचे थे और अब वापसी के लिए भी पैसे की मांग की जा रही है।युवकों ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने ऐसा क्या गलत किया था, जिसकी वजह से उन्हें ऐसी परिस्थितियों में रहना पड़ रहा है। उन्होंने यह आशंका भी जताई कि अगर उनके साथ कोई अनहोनी होती है तो इसके लिए नौकरी दिलाने वाले एजेंट और संबंधित कंपनी जिम्मेदार होंगे।
1 से 3 अक्टूबर के बीच दुबई पहुंचे थे युवक
जानकारी के अनुसार, चूरू और झुंझुनूं के छह युवक 1 से 3 अक्टूबर के बीच दुबई पहुंचे थे। युवकों के दावों के मुताबिक, उनके अलावा 26 अन्य लोग भी वहां लंबे समय से फंसे हुए हैं। हालांकि, इन सभी लोगों की स्थिति और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।इस मामले में युवकों की ओर से जारी वीडियो ने विदेश में नौकरी के नाम पर होने वाली संभावित धोखाधड़ी और भर्ती एजेंटों की भूमिका को लेकर चिंता बढ़ा दी है। प्रभावित युवकों और उनके परिवारों को मदद की जरूरत है। मामले में संबंधित एजेंट, कंपनी और भारतीय अधिकारियों का पक्ष सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
