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जोधपुर में सिजेरियन डिलीवरी के बाद 5 प्रसूताओं की बिगड़ी तबीयत, वीडियो में जाने एक वेंटिलेटर पर; अस्पताल ने बताई वजह

जोधपुर में सिजेरियन डिलीवरी के बाद 5 प्रसूताओं की बिगड़ी तबीयत, वीडियो में जाने एक वेंटिलेटर पर; अस्पताल ने बताई वजह
 
जोधपुर में सिजेरियन डिलीवरी के बाद 5 प्रसूताओं की बिगड़ी तबीयत, वीडियो में जाने एक वेंटिलेटर पर; अस्पताल ने बताई वजह

राजस्थान के जोधपुर में सिजेरियन डिलीवरी के बाद प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने के मामले एक बार फिर सामने आए हैं। पिछले दो दिनों में पांच प्रसूताओं की हालत बिगड़ने के बाद उन्हें इलाज के लिए उम्मेद हॉस्पिटल रेफर किया गया। इनमें से एक महिला की स्थिति गंभीर होने पर उसे वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है, जबकि अन्य मरीजों की हालत में सुधार बताया जा रहा है। मामले के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रशासन की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

अलग-अलग अस्पतालों से किया गया रेफर

उम्मेद हॉस्पिटल के अधीक्षक डॉ. मोहन मकवाना ने बताया कि सभी पांच प्रसूताओं को अलग-अलग स्वास्थ्य केंद्रों से इलाज के लिए रेफर किया गया था। अस्पताल पहुंचने के बाद सभी का उपचार शुरू किया गया।उन्होंने बताया कि एक मरीज की हालत अधिक गंभीर होने के कारण उसे वेंटिलेटर पर रखना पड़ा, जबकि अन्य मरीजों की स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है।

ज्यादा ब्लड लॉस बनने की बताई वजह

डॉ. मोहन मकवाना के अनुसार, इन सभी प्रसूताओं की सिजेरियन डिलीवरी के बाद अधिक रक्तस्राव (ब्लड लॉस) हुआ था। इसी कारण उनकी तबीयत बिगड़ी और उन्हें उच्च चिकित्सा केंद्र भेजना पड़ा।उन्होंने कहा कि फिलहाल उपलब्ध मेडिकल जानकारी के अनुसार मरीजों की तबीयत बिगड़ने की मुख्य वजह अत्यधिक रक्तस्राव प्रतीत हो रही है।

चार मरीज ICU में भर्ती

अस्पताल प्रशासन के अनुसार, पांच मरीजों में से चार प्रसूताओं को आईसीयू में भर्ती किया गया था। इनमें से एक अभी भी वेंटिलेटर पर उपचाराधीन है, जबकि तीन अन्य महिलाओं का इलाज आईसीयू में जारी है।एक अन्य प्रसूता की स्थिति में सुधार होने के बाद उसे सामान्य वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है।

दवाओं को लेकर नहीं जताया संदेह

हाल के दिनों में प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने के मामलों को देखते हुए दवाओं को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। इस पर डॉ. मोहन मकवाना ने कहा कि सभी मरीजों को एक जैसी दवाएं दी जा रही हैं और फिलहाल दवाओं को लेकर किसी प्रकार का संदेह नहीं है।हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यदि उच्च स्तर से निर्देश मिलते हैं, तो दवाओं और अन्य पहलुओं की जांच भी कराई जाएगी, ताकि किसी भी संभावित कारण की पुष्टि की जा सके।

स्वास्थ्य विभाग रख रहा है नजर

लगातार सामने आ रहे मामलों के बीच स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि सभी मरीजों को विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उपचार दिया जा रहा है और उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।फिलहाल प्राथमिक जानकारी के अनुसार, प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने का कारण अधिक रक्तस्राव बताया गया है। यदि जांच में कोई अन्य तथ्य सामने आते हैं, तो उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।