कोटा सुपर थर्मल पावर स्टेशन की 4 यूनिटें चरणबद्ध तरीके से बंद करने का प्रस्ताव, फुटेज में जाने 2030 तक योजना संभव
राजस्थान के Kota Super Thermal Power Station से जुड़ी एक महत्वपूर्ण योजना सामने आई है, जिसके तहत आने वाले वर्षों में इसकी चार यूनिटों को चरणबद्ध तरीके से बंद किया जा सकता है। यह प्रस्ताव हाल ही में 25 मार्च को विद्युत उत्पादन निगम की बोर्ड बैठक में चर्चा के लिए रखा गया था।
प्रस्ताव में वर्ष 2019 में हुई बोर्ड की 293वीं बैठक का भी उल्लेख किया गया है, जिसमें इन यूनिटों को धीरे-धीरे बंद करने की बात पहले ही कही गई थी। जानकारी के अनुसार, यूनिट नंबर 1 से 4 की परिचालन अवधि जल्द ही पूरी होने वाली है, जिसके चलते इन्हें बंद करने की प्रक्रिया पर विचार किया जा रहा है।
योजना के मुताबिक, इन चारों यूनिटों को साल 2030 तक चरणबद्ध तरीके से बंद करने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि यह प्रस्ताव बोर्ड द्वारा पूरी तरह से पारित किया गया है या नहीं।
अधिकारियों के अनुसार, इस प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय राज्य सरकार की स्वीकृति के बाद ही लिया जाएगा। सरकार की मंजूरी मिलने के बाद ही यूनिटों को बंद करने की प्रक्रिया को औपचारिक रूप से आगे बढ़ाया जाएगा।
ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि पुराने थर्मल पावर यूनिटों को बंद करने का निर्णय तकनीकी दक्षता, पर्यावरण मानकों और उत्पादन लागत को ध्यान में रखते हुए लिया जाता है। हालांकि, इसके साथ ही बिजली उत्पादन क्षमता और क्षेत्रीय ऊर्जा जरूरतों पर भी इसका असर पड़ सकता है।
इस प्रस्ताव के सामने आने के बाद ऊर्जा क्षेत्र और कोटा क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है, क्योंकि यह पावर स्टेशन लंबे समय से राज्य की बिजली आपूर्ति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। अब सभी की नजर राज्य सरकार के अंतिम निर्णय पर टिकी हुई है।
