धौलपुर में इस बार केन्द्रीय पौधशाला में तैयार होंगे 2 लाख पौधे, तीन नर्सरियों में उत्पादन शिफ्ट
धौलपुर में आगामी मानसून सीजन को देखते हुए वन विभाग ने इस बार पौधरोपण की तैयारियां तेज कर दी हैं। जिले में इस वर्ष केन्द्रीय पौधशाला में लगभग 2 लाख पौधे ही तैयार किए जाएंगे, जबकि उत्पादन को संतुलित करने के लिए शेष पौधों का काम तीन अन्य नर्सरियों में शिफ्ट किया गया है।
जानकारी के अनुसार, जैसे ही गर्मी का मौसम शुरू हुआ है, वन विभाग ने आगामी वर्षा ऋतु के लिए पौधरोपण अभियान की रूपरेखा तैयार करनी शुरू कर दी है। हर साल की तरह इस बार भी एक जुलाई से जिले में बड़े पैमाने पर पौध वितरण और पौधरोपण कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। इसके लिए विभाग ने नर्सरियों में पौधों की तैयारी और उनकी गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस बार केन्द्रीय पौधशाला पर काम का बोझ कम करने और पौधों की बेहतर गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए उत्पादन को अन्य नर्सरियों में विभाजित किया गया है। इससे न केवल पौधों की देखभाल बेहतर तरीके से हो सकेगी, बल्कि समय पर पौधों की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जा सकेगी।
अधिकारियों का कहना है कि पौधरोपण अभियान के तहत इस वर्ष जिले में विभिन्न प्रकार के फलदार, छायादार और औषधीय पौधे तैयार किए जा रहे हैं। इनमें स्थानीय जलवायु के अनुकूल प्रजातियों को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि पौधे लंबे समय तक जीवित रह सकें और पर्यावरण संतुलन में योगदान दे सकें।
धौलपुर वन विभाग ने यह भी बताया कि मानसून की शुरुआत के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों, सरकारी संस्थानों, स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों पर पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके लिए पहले से ही लक्ष्य निर्धारित कर लिया गया है और संबंधित विभागों को जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं।
वन विभाग का मानना है कि बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को देखते हुए पौधरोपण अभियान बेहद महत्वपूर्ण हो गया है। इस अभियान का उद्देश्य न केवल हरियाली बढ़ाना है, बल्कि भू-जल स्तर को सुधारना और पर्यावरण को संतुलित बनाए रखना भी है।
स्थानीय स्तर पर लोगों को भी इस अभियान से जोड़ने की तैयारी की जा रही है। विभाग ने अपील की है कि अधिक से अधिक लोग पौधरोपण में भाग लें और लगाए गए पौधों की देखभाल की जिम्मेदारी भी लें, ताकि वे पेड़ बनकर पर्यावरण को लाभ पहुंचा सकें।
फिलहाल नर्सरियों में पौधों की तैयारियों का काम तेजी से चल रहा है और वन विभाग का लक्ष्य है कि मानसून शुरू होते ही सभी पौधे वितरण के लिए पूरी तरह तैयार हों।
