जयपुर में 19 वर्षीय छात्र रोहित शर्मा का अंगदान: तीन मरीजों को मिली नई जिंदगी
राजधानी जयपुर के सवाई मान सिंह (SMS) अस्पताल में एक ऐसा भावुक कर देने वाला उदाहरण देखने को मिला, जिसने मानवता और साहस की मिसाल पेश की।
हादसा और गंभीर स्थिति
23 अगस्त को राजावास के पास हुए एक सड़क हादसे में गोविंदगढ़ का 19 वर्षीय छात्र रोहित शर्मा गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे में सिर पर गंभीर चोटें आईं, जिसके चलते अस्पताल में लगातार इलाज किया गया। लेकिन परिस्थितियाँ इतनी गंभीर थीं कि 27 अगस्त को डॉक्टरों ने रोहित को ब्रेन डेड घोषित कर दिया।
परिजनों का साहसिक निर्णय
दुख की इस घड़ी में रोहित के परिजनों ने समाज और जरूरतमंदों के लिए अंगदान का बड़ा फैसला लिया। उन्होंने रोहित के दोनों किडनी और एक लिवर को दान करने की अनुमति दी।
नई जिंदगी की शुरुआत
रोहित के अंगदान से तीन मरीजों को नई जिंदगी मिली। अस्पताल के सूत्रों के मुताबिक:
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एक किडनी जयपुर के मरीज को प्रत्यारोपित की गई।
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दूसरी किडनी कोटा के मरीज तक पहुंचाई गई।
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लिवर को जयपुर के गंभीर मरीज को प्रत्यारोपित किया गया।
इन तीनों परिवारों के लिए यह एक नई उम्मीद बन गई।
संदेश और प्रेरणा
डॉक्टरों और अस्पताल प्रशासन ने रोहित के परिजनों के साहसिक निर्णय की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह के निर्णय न केवल जिंदगी बचाने में मदद करते हैं, बल्कि समाज में अंगदान के प्रति जागरूकता भी फैलाते हैं।
रोहित अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनके अंगों के माध्यम से उन्होंने तीन अन्य लोगों को जीवनदान देकर अमूल्य योगदान दिया। यह घटना समाज के लिए एक प्रेरणा स्रोत बन गई है और मानवता का संदेश देती है कि मुश्किल परिस्थितियों में भी दूसरों की जिंदगी बचाना संभव है।
