19 दिन पहले गृह प्रवेश, वहीं पहुंचीं बेटे की लाश, श्री राजपूत करणी सेना के कार्यकर्ता की मौत, मां बोली- सब खत्म, पोते को क्या बताऊं
जयपुर में 3 अगस्त को श्री राजपूत करणी सेना के प्रदर्शन में शामिल कार्यकर्ता देवराज सिंह (33) की मौत को लेकर विवाद गहरा गया है। मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस की वाटर कैनन की तेज बौछार लगने से उनकी तबीयत बिगड़ी, जिसके कारण उनकी मौत हुई। वहीं, प्रशासन की ओर से अभी तक इस आरोप की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है और मौत के वास्तविक कारण का खुलासा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही होने की बात कही जा रही है।
जानकारी के अनुसार, 3 अगस्त को जयपुर में यूजीसी के नए नियमों के विरोध में श्री राजपूत करणी सेना और विभिन्न सवर्ण संगठनों ने प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति बन गई। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और हल्का बल प्रयोग भी किया। प्रदर्शन के दौरान कई कार्यकर्ता घायल हुए थे।
इसी प्रदर्शन में शामिल देवराज सिंह की अचानक तबीयत बिगड़ गई। उन्हें पहले एक निजी अस्पताल और बाद में एसएमएस अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। परिवार का कहना है कि वाटर कैनन की तेज धार सीधे उनके सीने पर लगी थी, जिससे उनकी हालत गंभीर हो गई। परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
करणी सेना के प्रमुख महिपाल सिंह मकराना ने भी इस मामले में राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस की कार्रवाई के कारण देवराज सिंह की जान गई। संगठन ने मृतक के परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने, जिम्मेदार अधिकारियों को निलंबित करने और मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि मांगें पूरी नहीं होने पर प्रदेशभर में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
दूसरी ओर, उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के अनुसार अभी यह स्पष्ट नहीं है कि मौत सीधे वाटर कैनन की वजह से हुई या किसी अन्य चिकित्सकीय कारण से। शुरुआती रिपोर्टों में यह भी सामने आया है कि प्रदर्शन के दौरान उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई थी और वे गिर पड़े थे। ऐसे में मौत के कारण को लेकर अंतिम निष्कर्ष पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही सामने आएगा।
इस घटना के बाद प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई और भीड़ नियंत्रण के तरीकों पर भी सवाल उठने लगे हैं। फिलहाल पूरे मामले पर राजनीतिक और सामाजिक संगठनों की नजर बनी हुई है तथा सभी पक्ष पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं, जिससे मौत के वास्तविक कारण का पता चल सके।
