जयपुर में 16 ब्लैक स्पॉट पर हादसों का सबसे ज्यादा खतरा, फुटेज में देंखे जनवरी से अब तक 560 लोगों की मौत; तेज रफ्तार और अतिक्रमण बड़ी वजह
जयपुर शहर में सड़क हादसों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। शहर में गवर्नमेंट हॉस्टल, रिद्धि-सिद्धि, बी-2 बाईपास और ओटीएस समेत 16 ऐसे स्थान चिह्नित किए गए हैं, जहां सड़क दुर्घटनाएं होने की आशंका सबसे ज्यादा रहती है। ट्रैफिक पुलिस ने इन स्थानों को ब्लैक स्पॉट के रूप में चिन्हित किया है। यहां तेज रफ्तार, रॉन्ग साइड ड्राइविंग, अतिक्रमण और यातायात के बढ़ते दबाव सहित कई कारण हादसों को बढ़ावा दे रहे हैं।आंकड़ों के मुताबिक, जयपुर में जनवरी से अब तक सड़क हादसों में 560 लोगों की मौत हो चुकी है। हादसों में जान गंवाने वालों का यह आंकड़ा कई सालों के रिकॉर्ड को पार कर चुका है। लगातार सामने आ रहे हादसों ने शहर की यातायात व्यवस्था और सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कहीं तेज रफ्तार तो कहीं सड़क की बनावट बन रही खतरा
ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, शहर के अलग-अलग ब्लैक स्पॉट पर दुर्घटनाओं के कारण भी अलग-अलग हैं। कई चौराहे लंबे और चौड़े होने के कारण वाहन चालक तेज गति से निकलते हैं। ऐसे में अचानक सामने आने वाले वाहन या पैदल यात्रियों के कारण हादसे की आशंका बढ़ जाती है।कुछ स्थानों पर यातायात का दबाव अधिक रहता है, जबकि कई जगह स्पीड ब्रेक नहीं होने से वाहन चालकों की गति नियंत्रित करना मुश्किल हो जाता है। इसके अलावा सड़क की बनावट और यातायात प्रबंधन में कमियां भी दुर्घटनाओं की वजह बन रही हैं।
रॉन्ग साइड ड्राइविंग और अवैध पार्किंग से बढ़ रही परेशानी
ब्लैक स्पॉट पर हादसों के पीछे यातायात नियमों की अनदेखी भी प्रमुख कारण है। कई जगह वाहन चालक गलत दिशा में गाड़ी चलाते हैं, जिससे सामने से आने वाले वाहनों के साथ टक्कर का खतरा बना रहता है।इसके अलावा बसों और टेंपो का अवैध ठहराव भी यातायात को प्रभावित करता है। सड़क किनारे अतिक्रमण, ठेले लगाने और अवैध पार्किंग के कारण सड़क की उपलब्ध जगह कम हो जाती है। इससे वाहनों की आवाजाही बाधित होती है और दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है।
एडिशनल पुलिस कमिश्नर ने बताई हादसों की वजह
एडिशनल पुलिस कमिश्नर प्रदीप मोहन ने बताया कि शहर के चिह्नित ब्लैक स्पॉट पर सड़क हादसों के कारण अलग-अलग हैं। कहीं चौराहों की बनावट और वाहनों की तेज रफ्तार समस्या है तो कहीं यातायात का अत्यधिक दबाव और स्पीड ब्रेकर की कमी खतरा बढ़ा रही है।उन्होंने बताया कि रॉन्ग साइड ड्राइविंग, बसों और टेंपो का अवैध ठहराव, सड़क किनारे अतिक्रमण और अवैध पार्किंग जैसी समस्याएं भी हादसों की प्रमुख वजह हैं। कई स्थानों पर सड़क की बनावट और यातायात प्रबंधन से जुड़ी खामियां सामने आई हैं।
सड़क सुरक्षा के लिए जरूरी कदम
जयपुर में सड़क हादसों पर अंकुश लगाने के लिए चिह्नित ब्लैक स्पॉट पर यातायात व्यवस्था में सुधार करना महत्वपूर्ण है। तेज रफ्तार पर नियंत्रण, गलत दिशा में वाहन चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई, अवैध पार्किंग हटाने और बसों-टेंपो के निर्धारित ठहराव की व्यवस्था से जोखिम कम किया जा सकता है।इसके साथ ही सड़क की बनावट में मौजूद खामियों को दूर करने, जरूरत के अनुसार गति नियंत्रित करने के उपाय करने और यातायात नियमों के प्रति लोगों को जागरूक करने की आवश्यकता है। जनवरी से अब तक 560 मौतों का आंकड़ा बताता है कि जयपुर में सड़क सुरक्षा को लेकर प्रभावी कदम उठाना बेहद जरूरी है।
