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हर साल हिंदू नववर्ष पर मनाया जाएगा राजस्थान दिवस, वीडियो में देखें अगले साल 26 हजार पदों पर भर्ती होगी

हर साल हिंदू नववर्ष पर मनाया जाएगा राजस्थान दिवस, वीडियो में देखें अगले साल 26 हजार पदों पर भर्ती होगी
 
हर साल हिंदू नववर्ष पर मनाया जाएगा राजस्थान दिवस, वीडियो में देखें अगले साल 26 हजार पदों पर भर्ती होगी

राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एक अहम घोषणा करते हुए कहा कि अब राज्य का स्थापना दिवस हर साल 30 मार्च के बजाय हिंदू नववर्ष के दिन मनाया जाएगा। यह निर्णय राज्य की सांस्कृतिक पहचान और परंपराओं को सशक्त करने के उद्देश्य से लिया गया है। सीएम भजनलाल शर्मा ने इसे राजस्थान की सांस्कृतिक धरोहर से जोड़ते हुए ऐतिहासिक कदम बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हिंदू नववर्ष भारतीय संस्कृति और परंपराओं का प्रतीक है। इस दिन को विशेष महत्व देते हुए राजस्थान दिवस का आयोजन करना, हमारी परंपराओं और मूल्यों को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा। उन्होंने कहा कि इस बदलाव से प्रदेश की नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का अवसर मिलेगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने यह भी ऐलान किया कि आगामी वित्तीय वर्ष में प्रदेश में बड़े स्तर पर सरकारी भर्तियां की जाएंगी। सीएम भजनलाल शर्मा ने बताया कि राज्य सरकार अगले वित्तीय वर्ष में शिक्षक, वन विभाग, पुलिस सहित विभिन्न विभागों में कुल 26 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध है और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया को प्राथमिकता दी जाएगी।

सीएम ने बताया कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए स्कूलों में नए शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। साथ ही, वन विभाग में रिक्त पदों को भरने से प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण और वन्य जीवों की सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा। पुलिस विभाग में भर्ती से राज्य की कानून व्यवस्था और मजबूत की जाएगी।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने यह भी कहा कि सरकार युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने पर फोकस कर रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आगामी समय में और भी विभागों में भर्ती प्रक्रियाएं चलाई जाएंगी, ताकि प्रदेश के युवा आत्मनिर्भर बन सकें।

राजस्थान दिवस को हिंदू नववर्ष के साथ जोड़ने के इस निर्णय को लेकर राजनीतिक हलकों और सामाजिक संगठनों से मिलीजुली प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ इसे प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को संजोने का प्रयास बता रहे हैं, तो कुछ इसे एक ऐतिहासिक बदलाव मान रहे हैं।

फिलहाल मुख्यमंत्री की इस घोषणा के बाद प्रदेशभर में चर्चा तेज हो गई है। अब देखना होगा कि हिंदू नववर्ष के अवसर पर मनाए जाने वाले राजस्थान दिवस को जनता और समाज कितना समर्थन और उत्साह दिखाता है।