जयपुर डिविजन ने टिकट चेकिंग से कमाई का नया रिकॉर्ड बनाया, वीडियो में देखें 9 महीनों में 24.76 करोड़ रुपए की आय
भारतीय रेलवे के जयपुर डिविजन ने टिकट चेकिंग से होने वाली आय में नया रिकॉर्ड कायम किया है। 2025-26 के वित्तीय वर्ष में डिविजन ने केवल 9 महीनों में ही 24 करोड़ 76 लाख रुपए की कमाई कर ली है। यह आंकड़ा पिछले दो सालों की पूरी सालाना आय से भी अधिक है।
पिछले सालों के आंकड़ों की तुलना करें तो स्थिति और स्पष्ट हो जाती है। 2023-24 में जयपुर डिविजन ने टिकट चेकिंग से पूरे साल में 24 करोड़ 70 लाख रुपए की आय दर्ज की थी, जबकि 2024-25 में यह कमाई 22 करोड़ 6 लाख रुपए रही थी। यानी इस साल के केवल 9 महीने ही पर्याप्त रहे कि पिछले सालों का रिकॉर्ड टूट जाए। डिविजन अधिकारियों ने बताया कि 10वां महीना पूरा होने से पहले ही पिछले सालों का रिकॉर्ड पार कर लिया गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस उपलब्धि के पीछे सख्त मॉनिटरिंग और नियमित निरीक्षण का अहम योगदान है। डिविजन ने लगातार ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर टिकट चेकिंग को कड़ा किया है। इसके अलावा कर्मचारियों को नियमित रूप से काउंसलिंग और ट्रेनिंग दी जा रही है, ताकि टिकट चेकिंग के दौरान कोई लापरवाही न हो और आमदनी में बढ़ोतरी हो।
जयपुर डिविजन के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि यह सफलता केवल आय बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह यात्रियों के लिए बेहतर व्यवस्था और अनुशासन सुनिश्चित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण है। लगातार मॉनिटरिंग और ट्रेन स्टाफ की जिम्मेदारी के चलते यह रिकॉर्ड स्थापित हुआ है।
अधिकारियों का कहना है कि आगामी महीनों में भी इस रफ्तार को बनाए रखने का प्रयास किया जाएगा। टिकट चेकिंग के साथ-साथ डिजिटल टिकटिंग और आरक्षित टिकटों के ट्रैकिंग सिस्टम को भी अपडेट किया जा रहा है। इससे न केवल आमदनी में इजाफा होगा, बल्कि यात्रियों के लिए टिकटिंग प्रक्रिया भी और पारदर्शी और सुविधाजनक बनेगी।
रेलवे प्रवक्ता ने बताया, “इस रिकॉर्ड से यह स्पष्ट होता है कि जब ट्रेन स्टाफ और प्रशासन नियमित रूप से अपने कर्तव्यों का पालन करते हैं और मॉनिटरिंग सख्त होती है, तो न केवल आमदनी बढ़ती है, बल्कि यात्रा करने वाले यात्रियों के अनुभव में भी सुधार आता है।”
विशेषज्ञों का मानना है कि जयपुर डिविजन का यह उदाहरण अन्य रेलवे डिवीजनों के लिए प्रेरणा का काम करेगा। सख्त निगरानी, स्टाफ की ट्रेंनिंग और यात्रियों के लिए बेहतर सुविधाओं का मेल यह साबित करता है कि रेलवे विभाग अपनी नीतियों में सुधार और आमदनी बढ़ाने दोनों में सफल हो सकता है।
इस रिकॉर्ड के बाद अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या जयपुर डिविजन भविष्य में 25 करोड़ रुपए की सालाना आय का नया मानक स्थापित करेगा। फिलहाल, केवल 9 महीनों में 24.76 करोड़ रुपए की कमाई ने यह संकेत दे दिया है कि डिविजन ने इस दिशा में पहला बड़ा कदम सफलतापूर्वक उठाया है।
