हनुमानगढ़ में शिक्षा संबलन योजना की जांच के विरोध में निजी स्कूल बंद, कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन
राजस्थान सरकार की शिक्षा संबलन योजना के तहत निजी स्कूलों की प्रस्तावित विशेष जांच के विरोध में बुधवार को हनुमानगढ़ जिले के अधिकांश निजी स्कूल बंद रहे। इस दौरान स्कूल संचालकों ने सरकार के फैसले के खिलाफ एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन किया और जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर धरना दिया। प्रदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री सहित संबंधित उच्चाधिकारियों के नाम ज्ञापन सौंपकर प्रस्तावित जांच पर पुनर्विचार करने की मांग की गई।
एसआरएस प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के नेतृत्व में बड़ी संख्या में निजी स्कूल संचालक और प्रतिनिधि कलेक्ट्रेट पहुंचे। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि शिक्षा संबलन योजना के नाम पर प्रस्तावित विशेष जांच से निजी स्कूलों पर अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है। उनका आरोप है कि पहले से ही निजी शिक्षण संस्थान कई प्रकार के प्रशासनिक और आर्थिक दबावों का सामना कर रहे हैं, ऐसे में इस तरह की जांच से स्कूल संचालन और अधिक प्रभावित होगा।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि किसी स्कूल के खिलाफ कोई विशेष शिकायत हो तो उसकी निष्पक्ष जांच की जाए, लेकिन सभी निजी स्कूलों को संदेह के दायरे में रखकर व्यापक जांच करना उचित नहीं है। उनका कहना है कि अधिकांश निजी स्कूल नियमों के तहत संचालन कर रहे हैं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत हैं।
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने ज्ञापन में मांग की कि सरकार निजी स्कूल संचालकों के साथ संवाद स्थापित करे और उनकी समस्याओं को समझने के बाद ही कोई निर्णय ले। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।
बुधवार को जिले के कई निजी स्कूल बंद रहने से विद्यार्थियों की पढ़ाई भी प्रभावित हुई। हालांकि कई स्कूलों ने पहले ही अभिभावकों को अवकाश की सूचना दे दी थी, जिससे छात्रों और अभिभावकों को असुविधा कम हुई। इसके बावजूद अचानक स्कूल बंद रहने के कारण कुछ अभिभावकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
स्कूल संचालकों का कहना है कि उनका उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था को बाधित करना नहीं, बल्कि अपनी जायज मांगों को सरकार तक पहुंचाना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार उनकी बात सुनेगी और शिक्षा संबलन योजना के तहत प्रस्तावित विशेष जांच के निर्णय पर पुनर्विचार करेगी।
फिलहाल जिला प्रशासन की ओर से ज्ञापन प्राप्त कर संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया गया है। अब सभी की नजर सरकार की अगली प्रतिक्रिया पर टिकी है कि वह निजी स्कूल संचालकों की मांगों पर क्या फैसला लेती है। यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो निजी स्कूल संगठन प्रदेश स्तर पर भी आंदोलन तेज करने की तैयारी में हैं।
