कैथल में आज पहुंचेगी हनुमान जी की 21 फीट लंबी अष्टधातु की गदा, भव्य स्वागत की तैयारियां पूरी
हरियाणा के कैथल में धार्मिक आस्था का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। भगवान श्री हनुमान जी की 21 फीट लंबी अष्टधातु से निर्मित गदा शुक्रवार को कैथल पहुंचेगी। इस ऐतिहासिक और धार्मिक आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह है। गदा के स्वागत के लिए मंदिर समिति और स्थानीय श्रद्धालुओं ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं।
जानकारी के अनुसार, हनुमान जी की विशाल अष्टधातु की गदा को विशेष वाहन के माध्यम से कैथल लाया जाएगा। शहर में इसके आगमन पर भव्य स्वागत किया जाएगा। श्रद्धालु फूलों की वर्षा, जय श्रीराम और जय बजरंगबली के जयकारों के साथ गदा का स्वागत करेंगे। आयोजन को लेकर पूरे मार्ग को सजाया गया है और जगह-जगह स्वागत द्वार भी बनाए गए हैं।
मंदिर समिति के अनुसार, गदा के आगमन के बाद शोभायात्रा निकाली जाएगी। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु, धार्मिक संगठन और सामाजिक संस्थाओं के सदस्य शामिल होंगे। यात्रा के दौरान भजन-कीर्तन, ढोल-नगाड़े और धार्मिक झांकियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी।
21 फीट लंबी अष्टधातु की यह गदा भगवान हनुमान के पराक्रम, शक्ति, साहस और धर्म की रक्षा के प्रतीक के रूप में स्थापित की जाएगी। धार्मिक मान्यता है कि हनुमान जी की गदा शक्ति, निष्ठा और संकटों से रक्षा का प्रतीक मानी जाती है। ऐसे में श्रद्धालुओं के लिए इसका आगमन विशेष महत्व रखता है।
आयोजन के दौरान विशेष पूजा-अर्चना, हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ और महाआरती का भी आयोजन किया जाएगा। श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण और अन्य धार्मिक कार्यक्रम भी रखे गए हैं। आयोजकों ने अधिक से अधिक लोगों से कार्यक्रम में शामिल होकर धार्मिक आयोजन का हिस्सा बनने की अपील की है।
गदा के आगमन को लेकर प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा और यातायात के विशेष इंतजाम किए गए हैं। शोभायात्रा के मार्ग पर पुलिस बल तैनात रहेगा, ताकि आयोजन शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह का धार्मिक आयोजन क्षेत्र में पहली बार हो रहा है, जिससे श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। लोगों को उम्मीद है कि भगवान हनुमान की कृपा से क्षेत्र में सुख, शांति और समृद्धि का वातावरण बनेगा।
हनुमान जी की 21 फीट लंबी अष्टधातु की गदा का कैथल आगमन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, बल्कि यह आयोजन सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का भी संदेश देगा। पूरे शहर में इस आयोजन को लेकर उत्सव जैसा माहौल बना हुआ है।
