ड्राइवर गिरफ्तार, नशा तस्करी के मामलों में फरार 2 बदमाशों को भी दबोचा
राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे पुलिस के विशेष अभियान 'ऑपरेशन चक्रव्यूह' के तहत बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने जिले में तीन अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस दौरान भारी मात्रा में प्रतिबंधित नशीली गोलियां और कैप्सूल बरामद किए गए हैं। पुलिस की इस कार्रवाई को जिले में नशे के कारोबार पर बड़ी चोट माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, पीलीबंगा थाना पुलिस ने गश्त के दौरान एक संदिग्ध कार को रोककर तलाशी ली। तलाशी के दौरान कार से 1065 प्रतिबंधित नशीली गोलियां और कैप्सूल बरामद किए गए। पुलिस ने मौके पर ही आरोपी को गिरफ्तार कर वाहन को भी जब्त कर लिया। आरोपी से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि नशीले पदार्थ कहां से लाए गए थे और इन्हें किसे सप्लाई किया जाना था।
वहीं, सदर थाना और पल्लू थाना पुलिस ने भी अलग-अलग कार्रवाई करते हुए दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया। इन मामलों में भी पुलिस ने नशा तस्करी से जुड़े साक्ष्य जुटाए हैं और आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कहीं इनका संबंध किसी बड़े नशा तस्करी गिरोह से तो नहीं है।
हनुमानगढ़ पुलिस का कहना है कि जिले में युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने और अवैध मादक पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाने के लिए 'ऑपरेशन चक्रव्यूह' लगातार चलाया जा रहा है। अभियान के तहत संदिग्ध वाहनों की जांच, नाकाबंदी और खुफिया सूचना के आधार पर लगातार कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट और अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि बरामद नशीली दवाइयां किस नेटवर्क के जरिए जिले में पहुंचाई जा रही थीं। मामले में आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया गया है।
जिले में लगातार हो रही पुलिस कार्रवाई से नशा तस्करों में हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस का कहना है कि अवैध मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और अभियान आगे भी इसी तरह जारी रहेगा।
हनुमानगढ़ पुलिस ने आमजन से भी अपील की है कि यदि उन्हें कहीं नशा तस्करी या अवैध मादक पदार्थों के कारोबार की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। पुलिस का मानना है कि जनता के सहयोग से ही नशे के खिलाफ इस अभियान को और प्रभावी बनाया जा सकता है।
