हनुमानगढ़ में बस ड्राइवरों-कंडक्टरों का फूटा गुस्सा, आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर लगाया जाम
बस चालक और परिचालकों के साथ हुई कथित मारपीट और लूट की घटना के आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से बुधवार को हनुमानगढ़ में परिवहन कर्मियों का गुस्सा फूट पड़ा। सैकड़ों बस ड्राइवरों और कंडक्टरों ने एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन किया और सड़क पर जाम लगाकर प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के चलते यातायात कुछ समय के लिए प्रभावित रहा और लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा।
प्रदर्शन कर रहे बस चालक और परिचालकों का आरोप है कि कुछ दिन पहले उनके साथ मारपीट की गई थी और नकदी सहित अन्य सामान भी लूट लिया गया था। घटना की शिकायत पुलिस में दर्ज कराने के बावजूद अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की गई है। इससे परिवहन कर्मियों में भारी नाराजगी है।
बस कर्मचारियों ने कहा कि वे रोजाना यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए काम करते हैं, लेकिन खुद उनकी सुरक्षा सुनिश्चित नहीं है। उनका आरोप है कि शिकायत के बाद भी पुलिस की कार्रवाई बेहद धीमी रही, जिससे आरोपियों के हौसले बुलंद हो रहे हैं।
आक्रोशित कर्मचारियों ने मुख्य मार्ग पर जाम लगाकर प्रशासन का ध्यान अपनी ओर खींचा। जाम के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर स्थिति को शांत करने का प्रयास किया।
प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक मारपीट और लूट के मामले में शामिल आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और परिवहन कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को मामले में जल्द कार्रवाई और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए आवश्यक कदम उठाने का भरोसा दिलाया। इसके बाद समझाइश के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ और जाम खुलवाया गया, जिससे यातायात धीरे-धीरे सामान्य हो सका।
बस कर्मचारी संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि पुलिस जल्द आरोपियों को गिरफ्तार नहीं करती है तो भविष्य में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उनका कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने और परिवहन कर्मियों की सुरक्षा के लिए दोषियों के खिलाफ त्वरित और कड़ी कार्रवाई बेहद जरूरी है।
