डूंगरपुर में जलस्रोत सूखने से वन्यजीवों पर संकट, प्यास बुझाने गांवों की ओर बढ़ रहे जानवर
जिले में गर्मी की शुरुआत के साथ ही जलस्रोत सूखने लगे हैं, जिससे वन्यजीवों पर संकट गहराने लगा है। पानी की तलाश में प्यासे वन्यजीव अब जंगलों से निकलकर गांवों की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में डर और सतर्कता का माहौल बन गया है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, बीते कुछ दिनों में कई बार जंगली जानवरों को गांवों के आसपास और खेतों में देखा गया है। पानी की कमी के कारण उनकी आवाजाही बढ़ गई है, जिससे ग्रामीणों को अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता सताने लगी है। खासकर रात के समय स्थिति और अधिक संवेदनशील हो जाती है।
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि तापमान में लगातार बढ़ोतरी के कारण प्राकृतिक जलस्रोत तेजी से सूख रहे हैं। अप्रैल माह में ही अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है, जिससे आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर होने की आशंका जताई जा रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार, जलस्रोतों के सूखने से वन्यजीवों के सामने पानी और भोजन दोनों की समस्या खड़ी हो जाती है। ऐसे में वे मजबूरी में आबादी वाले क्षेत्रों की ओर बढ़ते हैं, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं बढ़ने का खतरा रहता है।
वन विभाग ने स्थिति को देखते हुए कुछ क्षेत्रों में पानी के टैंकरों के माध्यम से जल उपलब्ध कराने और कृत्रिम जलस्रोत तैयार करने की योजना बनाई है। साथ ही ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे वन्यजीवों से दूरी बनाए रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत विभाग को दें।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जंगल क्षेत्रों में स्थायी जल प्रबंधन की व्यवस्था की जाए, ताकि वन्यजीवों को गांवों की ओर आने की नौबत न आए।
फिलहाल, डूंगरपुर में बढ़ती गर्मी और सूखते जलस्रोत वन्यजीवों और ग्रामीणों दोनों के लिए चिंता का विषय बनते जा रहे हैं।
