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डूंगरपुर में मॉक ड्रिल, आपात स्थिति में सुरक्षा तैयारियों का किया गया परीक्षण

 
डूंगरपुर मॉक ड्रिल: ‘एयर स्ट्राइक’ से दहशत! बम धमाकों और सायरन से गूंजा शहर, युद्ध जैसा दिखा मंजर

देश में किसी भी आपात स्थिति में नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की तैयारियों का आकलन करने के उद्देश्य से केंद्रीय गृह मंत्रालय और राजस्थान सरकार के निर्देश पर शुक्रवार को डूंगरपुर जिले में मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य आपदा या आपातकालीन परिस्थितियों में प्रशासनिक तंत्र की तत्परता और समन्वय की जांच करना रहा।

मॉक ड्रिल के दौरान विभिन्न विभागों ने आपसी तालमेल के साथ आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने का अभ्यास किया। इसमें पुलिस, प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन दल और आपदा प्रबंधन से जुड़े कर्मियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। निर्धारित परिदृश्य के अनुसार राहत और बचाव कार्यों का अभ्यास किया गया, जिसमें घायलों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने, प्राथमिक उपचार देने और भीड़ नियंत्रण जैसी प्रक्रियाओं को परखा गया।

अधिकारियों के अनुसार, इस तरह की मॉक ड्रिल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी वास्तविक आपात स्थिति में सभी एजेंसियां बिना देरी के प्रभावी तरीके से कार्य कर सकें। अभ्यास के दौरान संचार व्यवस्था, प्रतिक्रिया समय और संसाधनों की उपलब्धता का भी परीक्षण किया गया।

ड्रिल के दौरान कुछ स्थानों पर प्रतीकात्मक रूप से आपातकालीन स्थिति उत्पन्न कर त्वरित प्रतिक्रिया की जांच की गई। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और सुधार के लिए आवश्यक निर्देश भी दिए।

जिला प्रशासन ने बताया कि इस अभ्यास से न केवल विभागीय समन्वय मजबूत होता है, बल्कि आमजन में भी जागरूकता बढ़ती है कि आपदा की स्थिति में कैसे सुरक्षित रहना है और प्रशासन के साथ सहयोग कैसे करना है।

स्वास्थ्य विभाग ने भी आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की तैयारियों का प्रदर्शन किया, वहीं पुलिस बल ने भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को संभालने का अभ्यास किया।