डूंगरपुर में 485 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात, युवाओं के कौशल विकास पर खास फोकस
राजस्थान के डूंगरपुर में राज्य सरकार ने विकास और युवाओं के सशक्तिकरण को लेकर बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े करीब 485 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान खास तौर पर युवाओं के कौशल विकास और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में युवाओं को कौशल उन्नयन प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए। जानकारी के अनुसार, लगभग 9,432 युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, वेब डिजाइनिंग सहित कई आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में प्रशिक्षण देने के बाद प्रमाण पत्र सौंपे गए।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि युवा देश की सबसे बड़ी ताकत हैं और उनके कौशल को सही दिशा देकर राज्य को विकास की नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार युवाओं को रोजगार देने के साथ-साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाने पर भी विशेष ध्यान दे रही है।
इस कार्यक्रम में स्टार्टअप और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए भी कई घोषणाएं की गईं। करीब 403 स्टार्टअप्स को वित्तीय सहायता के रूप में ‘वायबिलिटी गैप फंड’ देने की बात कही गई, जिससे युवाओं को अपने बिजनेस आइडिया को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
इसके अलावा ‘मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना’ के तहत पहले लाभार्थी को चेक भी सौंपा गया, जिससे प्रदेश में स्वरोजगार को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक युवा नौकरी की तलाश करने के बजाय खुद रोजगार पैदा करने की दिशा में आगे बढ़ें।
कार्यक्रम के दौरान यह भी स्पष्ट किया गया कि राज्य सरकार ‘विकसित राजस्थान-2047’ के विजन को ध्यान में रखते हुए काम कर रही है। इसके तहत इंफ्रास्ट्रक्चर, स्किल डेवलपमेंट और स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की पहल से न केवल युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। कौशल विकास और स्टार्टअप को बढ़ावा देने से आने वाले समय में राजस्थान को एक मजबूत औद्योगिक और तकनीकी राज्य के रूप में स्थापित करने में मदद मिल सकती है।
