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डूंगरपुर ट्रेजरी ऑफिस में रिश्वतखोरी: ACB ने कंप्यूटर ऑपरेटर को रंगे हाथों गिरफ्तार किया

 
डूंगरपुर ट्रेजरी ऑफिस में रिश्वतखोरी: ACB ने कंप्यूटर ऑपरेटर को रंगे हाथों गिरफ्तार किया

राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने एक और बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। उदयपुर ACB की टीम ने डूंगरपुर ट्रेजरी ऑफिस के एक कंप्यूटर ऑपरेटर को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। जानकारी के अनुसार, आरोपी ऑपरेटर ने पेंशनर महिला के मृत पति का 2.59 लाख रुपये का पेंशन एरियर जारी करने के बाद पेंशन को रोकने और फिर से चालू करने के एवज में रिश्वत की मांग की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए ACB टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को पकड़ लिया।

यह कंप्यूटर ऑपरेटर पिछले 3 साल से डूंगरपुर कोष कार्यालय (ट्रेजरी ऑफिस) में प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से कार्यरत था। आरोपी की गिरफ्तारी से स्पष्ट हुआ कि कुछ कर्मचारियों द्वारा सरकारी पेंशन और वित्तीय लेन-देन में भ्रष्टाचार की घटनाएं अब भी आम हैं।

ACB अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश देती है। उन्होंने कहा कि विभाग लगातार निगरानी रख रहा है और ऐसे मामलों में किसी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

स्थानीय लोगों ने इस कार्रवाई की सराहना की है और इसे प्रशासन की जवाबदेही और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम बताया है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में रंगे हाथों गिरफ्तारी से अन्य सरकारी कर्मचारियों में भी चेतना पैदा होगी और भ्रष्टाचार कम करने में मदद मिलेगी।

विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रेजरी कार्यालय जैसी संस्थाओं में वित्तीय लेन-देन सीधे नागरिकों के हित से जुड़े होते हैं। ऐसे में यदि कर्मचारी रिश्वत मांगते हैं तो आम जनता को आर्थिक और मानसिक दोनों प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ACB की इस कार्रवाई ने दिखा दिया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई निरंतर और प्रभावी होनी चाहिए।

इस मामले के बाद ट्रेजरी ऑफिस और अन्य सरकारी संस्थानों में पारदर्शिता और निगरानी बढ़ाने की जरूरत पर भी जोर दिया गया है। अधिकारियों ने यह भी कहा कि ACB आने वाले समय में ऐसे मामलों की जांच और भी तेज़ी से करेगी।