भाजपा ने निकाय चुनाव आरक्षण लॉटरी पर जताया विरोध, कलेक्टर के सामने आपत्ति; कोर्ट जाने की चेतावनी
राजस्थान में निकाय चुनाव को लेकर वार्ड आरक्षण की लॉटरी प्रक्रिया के बाद राजनीतिक विवाद बढ़ता नजर आ रहा है। भाजपा ने आरक्षण लॉटरी की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसे खारिज करने की मांग की है। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कलेक्टर के सामने अपना विरोध दर्ज कराया और प्रक्रिया में अनियमितता होने का आरोप लगाया।
भाजपा नेताओं ने कहा कि यदि उनकी आपत्तियों का समाधान नहीं किया गया तो वे इस मामले को न्यायालय में ले जाएंगे। विरोध के बाद जिला प्रशासन के सामने आरक्षण प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक चुनौती खड़ी हो गई है।
कलेक्टर के सामने जताया विरोध
भाजपा नेताओं ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर आरक्षण लॉटरी को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों और आरक्षण तय करने के तरीके पर सवाल उठाए।
पार्टी नेताओं का कहना है कि आरक्षण की प्रक्रिया में नियमों का पालन होना जरूरी है। यदि प्रक्रिया में किसी तरह की गड़बड़ी हुई है तो उसे ठीक किया जाना चाहिए।
लॉटरी प्रक्रिया पर उठाए सवाल
भाजपा की ओर से आरक्षण लॉटरी को लेकर कई बिंदुओं पर आपत्ति जताई गई है। पार्टी नेताओं ने संबंधित वार्डों के आरक्षण निर्धारण की प्रक्रिया की समीक्षा करने की मांग की।
भाजपा नेताओं का आरोप है कि लॉटरी के परिणाम से कई वार्डों के राजनीतिक समीकरण प्रभावित हुए हैं। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
कोर्ट जाने की चेतावनी
भाजपा नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि प्रशासन की ओर से उनकी शिकायतों का समाधान नहीं किया गया तो वे न्यायालय का रुख करेंगे। पार्टी का कहना है कि वह कानूनी तरीके से आरक्षण प्रक्रिया को चुनौती देगी।
अब प्रशासन की ओर से भाजपा की आपत्तियों पर क्या कदम उठाया जाता है, इस पर सभी की नजर है।
निकाय चुनाव से पहले बढ़ी राजनीतिक हलचल
वार्ड आरक्षण की लॉटरी के बाद निकाय चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां पहले ही तेज हो चुकी हैं। कई संभावित उम्मीदवार अपने वार्ड की आरक्षण स्थिति के आधार पर चुनावी रणनीति बनाने में जुटे हैं।
भाजपा के विरोध के बाद अब आरक्षण प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक बहस और तेज हो सकती है। यदि मामला न्यायालय तक पहुंचता है तो निकाय चुनाव की तैयारियों पर भी इसका असर पड़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
फिलहाल भाजपा ने प्रशासन के सामने अपनी आपत्ति दर्ज करा दी है और आगे की कार्रवाई के लिए प्रशासन के जवाब का इंतजार किया जा रहा है।
