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राजस्थान के सरकारी स्कूलों में बड़ा बदलाव: अब तीसरी कक्षा से पढ़ाया जाएगा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस

 
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राजस्थान के सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। अब प्रदेश के बच्चों को छोटी उम्र से ही नई तकनीक से परिचित कराने के लिए कक्षा 3 से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के अध्याय पढ़ाए जाएंगे। नए शैक्षणिक सत्र से यह बदलाव पाठ्यक्रम में लागू किया जाएगा।

शिक्षा विभाग के इस फैसले का उद्देश्य छात्रों को डिजिटल युग के अनुरूप तैयार करना है, ताकि वे भविष्य की तकनीकों को समझ सकें और समय के साथ प्रतिस्पर्धा में पीछे न रहें। इसके लिए पाठ्यपुस्तकों में बदलाव करते हुए नई सामग्री जोड़ी गई है। Rajasthan State Council of Educational Research and Training ने पाठ्यक्रम में संशोधन कर इसे लागू करने की तैयारी पूरी कर ली है।

खेल और उदाहरणों के जरिए समझेंगे एआई

कक्षा 3 के बच्चों को एआई के बारे में बहुत ही सरल और रोचक तरीके से पढ़ाया जाएगा। ‘आओ कंप्यूटर सीखें’ नामक पुस्तक में एआई से जुड़े अध्याय जोड़े गए हैं। इसमें मोबाइल फोन के फीचर्स, गेमिंग, रोबोटिक्स और फेस रिकॉग्निशन जैसे उदाहरणों के माध्यम से बच्चों को बताया जाएगा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हमारे दैनिक जीवन में किस तरह काम करता है।

शिक्षा विभाग का मानना है कि यदि बच्चों को शुरुआती कक्षाओं से ही तकनीक की बुनियादी जानकारी दी जाए तो उनकी सोचने-समझने की क्षमता और तार्किक दृष्टिकोण मजबूत होगा। इससे वे आने वाले समय में नई तकनीकों को आसानी से समझ पाएंगे।

छठी कक्षा के सिलेबस में भी बदलाव

पाठ्यक्रम में केवल एआई ही नहीं, बल्कि अन्य विषयों में भी बदलाव किए गए हैं। कक्षा 6 की पुस्तक ‘हमारा राजस्थान’ में प्रदेश के इतिहास और भूगोल से जुड़ी नई जानकारी जोड़ी गई है। इसमें मेवाड़ और बांगड़ क्षेत्र के इतिहास, दक्षिणी राजस्थान की जीवनरेखा मानी जाने वाली माही नदी और माही बजाज सागर परियोजना के बारे में भी पढ़ाया जाएगा।

इसका उद्देश्य छात्रों को अपने क्षेत्र की ऐतिहासिक और भौगोलिक विरासत से भी जोड़ना है, ताकि वे अपने प्रदेश की विशेषताओं को बेहतर तरीके से समझ सकें।

सरकारी स्कूलों के छात्रों को मिलेगा फायदा

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव सरकारी स्कूलों के छात्रों के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकता है। निजी स्कूलों में जहां पहले से ही तकनीकी विषयों पर ध्यान दिया जाता है, वहीं अब सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी भी आधुनिक तकनीक से जुड़ी पढ़ाई कर सकेंगे।

सरकार का मानना है कि आने वाले वर्षों में रोजगार के नए अवसर तकनीक और डिजिटल क्षेत्र में तेजी से बढ़ेंगे। ऐसे में एआई जैसे विषयों की शुरुआती समझ बच्चों के भविष्य के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।

नए सत्र से मिलेंगी संशोधित किताबें

शिक्षा विभाग ने नई किताबों की छपाई और वितरण की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। आगामी शैक्षणिक सत्र से प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में संशोधित पाठ्यक्रम लागू कर दिया जाएगा। इसके साथ ही शिक्षकों को भी नए विषयों को पढ़ाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएंगे।