डूंगरपुर में बाल विवाह पर प्रशासन की कार्रवाई, नाबालिग भाई-बहन की शादी रुकवाई
जिले में प्रशासन की सतर्कता से एक बाल विवाह को समय रहते रुकवा दिया गया। मामला भंडारी उपतहसील के नयागांव गोबर का है, जहां एक ही परिवार में नाबालिग भाई और बहन की शादी की तैयारियां चल रही थीं।
जानकारी के अनुसार, घर में शादी का माहौल बना हुआ था और दोनों बच्चों को हल्दी की रस्म भी चढ़ाई जा चुकी थी। इसी बीच चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर सूचना मिलने के बाद प्रशासन और पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और कार्रवाई की।
मौके पर पहुंची टीम ने जब बच्चों के दस्तावेजों की जांच की, तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। आधार कार्ड के अनुसार लड़के की उम्र करीब 15 साल और लड़की की उम्र लगभग 14 साल पाई गई, जो कानूनी विवाह आयु से काफी कम है।
अधिकारियों ने तुरंत स्थिति को गंभीरता से लेते हुए विवाह की प्रक्रिया रुकवा दी। इसके बाद परिजनों और ग्रामीणों की मौजूदगी में काउंसलिंग की गई और उन्हें बाल विवाह के कानूनी और सामाजिक दुष्परिणामों के बारे में समझाया गया।
प्रशासन ने परिवार को सख्त हिदायत दी कि बच्चों की निर्धारित आयु पूरी होने से पहले उनका विवाह नहीं किया जाए। साथ ही मौके पर पंचनामा तैयार कर परिजनों को पाबंद किया गया कि वे भविष्य में इस तरह की गलती नहीं दोहराएंगे।
अधिकारियों ने बताया कि बाल विवाह एक दंडनीय अपराध है, जिसमें लड़की की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और लड़के की 21 वर्ष निर्धारित है। इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है, खासकर शादी के सीजन में।
इस कार्रवाई में पुलिस, प्रशासन और चाइल्ड हेल्पलाइन की संयुक्त टीम शामिल रही। अधिकारियों ने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि कहीं बाल विवाह की जानकारी मिले तो तुरंत इसकी सूचना दें, ताकि समय रहते ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
