15 कृषि मंडियां बंद, MSP खरीद प्रक्रिया के विरोध में किसान-व्यापारी एकजुट
श्रीगंगानगर जिले में सोमवार सुबह से सभी 15 कृषि उपज मंडियां पूरी तरह बंद रहीं। एमएसपी पर गेहूं की सरकारी खरीद की नई प्रक्रिया के विरोध में किसान और व्यापारी संगठनों ने संयुक्त रूप से विरोध दर्ज कराते हुए कामकाज ठप कर दिया।
जानकारी के अनुसार, इस बंद में दी गंगानगर ट्रेडर्स एसोसिएशन, कच्चा आढ़तिया संघ और जिला खंड के विभिन्न किसान संगठनों ने भाग लिया। संगठनों का कहना है कि नई खरीद प्रक्रिया से व्यापारियों और किसानों दोनों पर अतिरिक्त बोझ बढ़ेगा और मंडी व्यवस्था प्रभावित होगी।
मंडियों के बंद रहने से गेहूं की खरीद-बिक्री पूरी तरह रुक गई, जिससे किसानों को अपनी उपज बेचने में असुविधा का सामना करना पड़ा। वहीं व्यापारी संगठनों ने आरोप लगाया कि नई व्यवस्था से पारदर्शिता के नाम पर जटिलता बढ़ाई जा रही है, जिससे व्यापार प्रभावित होगा।
किसान प्रतिनिधियों का कहना है कि एमएसपी खरीद प्रक्रिया में बदलाव से छोटे और सीमांत किसानों को अधिक परेशानी होगी। उन्होंने मांग की कि पुरानी व्यवस्था को ही जारी रखा जाए या फिर नई प्रक्रिया को लागू करने से पहले सभी पक्षों से चर्चा की जाए।
मंडी बंद होने के कारण मंडी परिसर में सन्नाटा पसरा रहा और दिनभर व्यापारिक गतिविधियां ठप रहीं। कई किसान अपनी उपज लेकर मंडी पहुंचे, लेकिन बंद के चलते उन्हें वापस लौटना पड़ा।
प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है और संबंधित संगठनों से बातचीत कर समाधान निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं। अधिकारियों ने कहा कि किसानों और व्यापारियों की समस्याओं को समझते हुए उचित निर्णय लिया जाएगा।
फिलहाल जिले में मंडी बंद का असर व्यापक रूप से देखने को मिल रहा है और स्थिति अगले निर्णय तक अनिश्चित बनी हुई है।
